जबलपुर में भाजपा नेता शुभम अवस्थी पर फर्जी डिग्री से डॉक्टर बनकर कोविड मरीजों का इलाज करने का आरोप, कोर्ट के आदेश पर FIR दर्ज



जबलपुर, मध्य प्रदेश। कोरोना महामारी जैसे संकट काल में जहां एक-एक जान बचाना प्राथमिकता थी, वहीं जबलपुर से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। भाजपा नेता शुभम अवस्थी पर आरोप है कि उन्होंने फर्जी आयुर्वेदिक चिकित्सक (BAMS) की डिग्री के आधार पर सरकारी अस्पताल में नौकरी हासिल की और कोविड-19 संदिग्ध मरीजों का इलाज किया। अब कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद सिविल लाइंस थाना पुलिस ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

फर्जी डिग्री से विक्टोरिया अस्पताल में की प्रैक्टिस

शिकायतकर्ता शैलेंद्र बारी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, शुभम अवस्थी ने रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय से फर्जी BAMS डिग्री बनवाकर विक्टोरिया जिला अस्पताल में आयुष चिकित्सक के तौर पर नौकरी प्राप्त की। महामारी के चरम काल में वह न केवल संदिग्ध मरीजों का इलाज करता रहा, बल्कि मृतकों के सैंपल भी एकत्र करता था।

स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही सवालों के घेरे में

यह मामला सिर्फ एक फर्जी डिग्री तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे स्वास्थ्य तंत्र की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। कोविड के कठिन दौर में जब चिकित्सकीय सेवाएं सीमित थीं, तब एक फर्जी डिग्रीधारी व्यक्ति का सरकारी अस्पताल में नौकरी कर लेना गंभीर प्रशासनिक चूक का संकेत है।
शिकायत मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने शुभम से इस्तीफा देने को कहा, लेकिन कार्रवाई में लापरवाही बरती गई और जांच प्रक्रिया टाल-मटोल में अटकी रही।

कोर्ट की सख्ती के बाद दर्ज हुई FIR

प्रशासनिक स्तर पर सुनवाई न होते देख, शिकायतकर्ता शैलेंद्र बारी ने कोर्ट का रुख किया। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सिविल लाइंस थाना पुलिस को एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए। इसके बाद पुलिस ने आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत—जालसाजी, धोखाधड़ी और बिना वैध डिग्री के मेडिकल प्रैक्टिस करने के आरोप में मामला दर्ज किया है।
पुलिस अब यह जांच कर रही है कि शुभम ने कितने मरीजों का इलाज किया और क्या उसकी वजह से किसी की जान को खतरा हुआ।


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