जबलपुर: मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ प्रशासन ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय के आदेशानुसार जिले में तस्करों की धरपकड़ अभियान को तेज किया गया है। इसी क्रम में क्राइम ब्रांच और थाना तिलवारा की संयुक्त टीम ने 5 किलो गांजा के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है।
पुलिस की रणनीति और कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय ने जिले के सभी थाना प्रभारियों और राजपत्रित अधिकारियों को मादक पदार्थों, नशीले इंजेक्शनों और अवैध शराब के कारोबार में लिप्त अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। इसके तहत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (अपराध) समर वर्मा और नगर पुलिस अधीक्षक (गढ़ा) देवेंद्र प्रताप सिंह चौहान के नेतृत्व में कार्रवाई को अंजाम दिया गया।
गिरफ्तारी का घटनाक्रम
पुलिस टीम को गश्त के दौरान मुकनवारा रोड स्थित सिवनी टोला की नहर की पुलिया पर दो संदिग्ध युवक दिखाई दिए। पुलिस को देखकर दोनों भागने का प्रयास करने लगे। टीम ने सतर्कता से घेराबंदी कर दोनों को पकड़ा। पूछताछ में आरोपियों ने अपने नाम दुर्गेश यादव (22 वर्ष) और साहिल झरिया (19 वर्ष) बताए, दोनों निवासी सिवनी टोला, तिलवारा हैं।
तलाशी लेने पर दुर्गेश के थैले से खाकी टेप में लिपटे तीन पैकेट और साहिल के थैले से दो पैकेट बरामद हुए। पैकेट खोलने पर कुल 5 किलो गांजा निकला, जिसकी बाजार कीमत लगभग 1 लाख रुपये आंकी गई है।
आरोपियों पर कानूनी कार्रवाई
दोनों आरोपियों के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंसेस (NDPS) एक्ट की धारा 8/20 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका
गांजा तस्करों की गिरफ्तारी में उपनिरीक्षक अभिषेक कैथवास, सहायक उपनिरीक्षक संगीता कतलम, प्रधान आरक्षक जयशंकर चौहान, आरक्षक अभय के साथ क्राइम ब्रांच के सहायक उपनिरीक्षक धनंजय सिंह, आरक्षक राजेश मिश्रा, आशुतोष बघेल और साइबर सेल के प्रधान आरक्षक अमित पटेल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मादक पदार्थों की तस्करी पर लगाम का प्रयास
जबलपुर में मादक पदार्थों की तस्करी एक गंभीर समस्या बनी हुई है। पुलिस के इस सफल अभियान से न केवल तस्करों के हौसले पस्त हुए हैं, बल्कि यह कदम स्थानीय निवासियों के लिए राहत का कारण बना है। पुलिस का यह प्रयास इस दिशा में महत्वपूर्ण है कि जबलपुर को नशामुक्त और सुरक्षित बनाया जा सके।
