लाडली बहनों पर ध्यान नहीं दे रही सरकार...


रेवांचल टाईम्स - मंडला, जिले में अनेक तरह की योजनाएं शासन प्रशासन द्वारा बनाई तो जाती है लेकिन योजनाओं का सही क्रियान्वयन नहीं होने की वजह से जरूरतमंदों को योजनाओं का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। ऐसी स्थिति मध्यप्रदेश के मंडला जिले में बनी हुई है। मध्यप्रदेश शासन के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज चैहान ने महिलाओं के कल्याण के लिए कई तरह की योजना शुरू की या शुरू करने की घोषणा की विधानसभा चुनाव के बाद उन योजनाओ का क्रियान्वयन पूरा करने में घोर लापरवाही दिखाई दे रही है। महिलाओं में भी संशय बना हुआ है कि यह सभी योजनाएं चलेंगी भी कि नहीं ? चूंकि वर्तमान मुख्यमंत्री डाॅ. मोहन यादव ने कहा है कि सभी योजनाओं का क्रियान्वयन होगा लेकिन आसार नही दिखाई दे रहे हैं। लाड़ली बहनों को पैसा तो मिल रहा है लेकिन इसके साथ जो अन्य योजनाओं का लाभ मिलना था उनका लाभ फिलहाल नहीं मिल पा रहा है। घरेलू गैस सिलेण्डर लाड़ली बहनों को सस्ता नहीं मिलने की खबरे मिल रही है। माना जा रहा है कि मध्यप्रदेश में लाड़ली बहना योजना के माध्यम से ही भाजपा सत्ता में आई लेकिन जो वादे किए गए थे वो पूरा नहीं होते दिखाई दे रहे हैं । लाड़ली बहनों के लिए सस्ते सब्सिडी वाले गैस सिलेण्डर के लिए पंजीयन शुरू नहीं हुए हैं। बताया तो यह भी जा रहा है कि इसके लिए अभी आदेश भी जारी नहीं हुए हैं। नगरीय निकाय और पंचायतों में केवाईसी नहीं हो रही है। बताया जा रहा है कि अभी तक 85630 बहनों के ही पंजीयन हो पाए हैं। कुल मिलाकर 40 प्रतिशत काम ही हो पाया है। इसी तरह लाडली बहनों को आवास योजना का भी लाभ देने के लिए चुनाव के पहले पंजीयन कराए गए थे लेकिन अभी तक लाडली आवास योजना का पता नहीं चल रहा है। लाड़ली आवास योजना का लाभ आखिरकार लाडली बहनों को कब मिलेगा यह चर्चा का विषय बना हुआ है। लाडली बहन जानना चाह रही हैं कि आवास योजना के लिए जो पंजीयन किया गया था उसकी कोई रसीद नहीं दी गई है जबकि रसीद देने का प्रावधान था लेकिन एक भी लाडली बहना को पंजीयन की रसीद नहीं प्रदान की गई जिससे इनमें संशय बना हुआ है कि आखिरकार लाडली बहना आवास योजना के पंजीयन का कार्य पूर्ण हुआ है कि नहीं और इस योजना का लाभ मिलेगा कि नहीं । लाड़ली बहनों की मांग है कि सब्सिडी वाला घरेलू गैस सिलेण्डर प्रदान किया जाए। सब्सिडी की राशि बैंक खातों में जमा किया जाए और लाड़ली आवास योजना से भी लाडली बहनों को लाभान्वित किया जावे। फिलहाल लाडली बहन अपने आप को अनाथ समझ रही हैं। शिवराज सिंह चैहान पूर्व मुख्यमंत्री जिन्होंने इस योजना की नींव रखी थी उनके दोबारा मुख्यमंत्री नहीं बनने पर लाडली बहना योजना भविष्य में क्रियान्वित होने पर आशंकित हैं। इनकी मांग है कि सरकार इनके नाम पर संचालित सभी योजनाओं का संचालन सही तरह से करे।

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