मंकीपॉक्स के बढ़ते खतरे के बीच केंद्र ने राज्यों को किया अलर्ट, जारी की गाइडलाइंस



दक्षिण अफ्रीका से फैले मंकीपॉक्स का खतरा धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा है. इसी बीच केंद्र सरकार ने राज्यों को अलर्ट किया है साथ ही जरूरी गाइडलाइंस भी जारी की हैं. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को 'मंकीपॉक्स रोग के प्रबंधन पर दिशानिर्देश' जारी किए हैं. मंकीपॉक्स के प्रबंधन और देशभर में अग्रिम तैयारी सुनिश्चित करने के लिए एक सक्रिय और जोखिम-आधारित दृष्टिकोण के हिस्से के रूप में दिशानिर्देश दिए गए हैं. हालांकि, मंत्रालय ने ये इस बात की भी पुष्टि की है कि अभी तक भारत में मंकीपॉक्स का कोई मामला सामने नहीं आया है.

बता दें कि मंकीपॉक्स एक ऑर्थोपॉक्सवायरस परिवार का हिस्सा है, जिसमें चेचक के वायरस भी शामिल हैं. हालांकि, चेचक का वायरस अब भारत में खत्म हो चुका है. लेकिन यह यूके और यूरोप में हो सकता है. प्रमुख विशेषज्ञों ने इसको लेकर चेतावनी दी है, क्योंकि आमतौर पर अफ्रीका के क्षेत्रों तक सीमित रहने वाला यह वायरस अब दुनियाभर में धीरे-धीरे फैल रहा है. बता दें कि पिछले शुक्रवार को विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि मंकीपॉक्स वायरस दुनियाभर के 20 से अधिक देशों में फैल चुका है. इसके लगभग 200 मामलों की पुष्टि हुई है. 100 से अधिक संदिग्ध मामले उन देशों में हैं, जहां यह आमतौर पर नहीं पाया जाता.

स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी किए गए दिशा-निर्देशों के मुताबिक, पोलीमरेज चेन रिएक्शन (PCR) और/या सीक्वेंसिंग द्वारा वायरल डीएनए के अनूठे अनुक्रमों का पता लगाकर मंकीपॉक्स वायरस के मामले की पुष्टि की जाती है. जांच के लिए नमूनों को संबंधित जिले या राज्य के एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम (IDSP) नेटवर्क के माध्यम से आईसीएमआर-एनआईवी (पुणे) की शीर्ष प्रयोगशाला में ले जाया जाता है.

सरकार द्वारा जारी किए गए दिशानिर्देशों में इस रोग की जटिलता, निदान, केस प्रबंधन, जोखिम संचार, संक्रमण रोकथाम और नियंत्रण (IPS) पर मार्गदर्शन और व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों के उपयोग के बारे में जानकारी दी गई है. दिशानिर्देश निगरानी और नए मामलों की तेजी से पहचान पर जोर देते हैं और प्रकोप की रोकथाम के लिए प्रमुख सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों के रूप में मानव-से-मानव में फैलने के जोखिम को कम करने की जरूरत बताते हैं.

दिशानिर्देश मंकीपॉक्स वायरस के उपायों के बारे में जागरूकता बढ़ाने और लोगों को शिक्षित करने के बारे में विस्तार से बताया गया है. जैसे बीमार व्यक्ति के संपर्क से बचना, संक्रमित रोगी को अलग करना, हाथ की अच्छी स्वच्छता का अभ्यास करना और रोगियों की देखभाल करते समय उचित व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (PPE Kit) का उपयोग करना आदि शामिल हैं.

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