2 दिन की बैंक हड़ताल के बाद अब सडकों पर उतरेंगे LIC कर्मचारी, पढ़िए क्या हैं मांगे ?

 


LIC EMPLOYEE STRIKE: जीवन बीमा निगम (LIC) के कर्मचारी निगम के विनिवेश के प्रस्ताव के विरोध में गुरुवार को एक दिवसीय हड़ताल करेंगे. सरकार के स्वामित्व वाले बीमा निगम की स्थापना 1956 में हुई थी, जिसमें 2020 तक लगभग 114,000 कर्मचारी और 290 मिलियन से अधिक पॉलिसीधारक हैं. केंद्रीय बजट 2021 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (finance minister Nirmala Sitharaman) ने घोषणा की कि एलआईसी का आईपीओ (initial public offering) लाया जाएगा और 1.75 लाख करोड़ विनिवेश लक्ष्य निर्धारित किया जाएगा. IDBI बैंक के अलावा सार्वजनिक क्षेत्र के दो बैंक और एक जनरल कंपनी वित्तीय वर्ष 2021-22 में सरकार के विनिवेश योजना का हिस्सा हैं.

एलआईसी कर्मचारियों की हड़ताल सोमवार और मंगलवार को दो दिवसीय बैंक हड़ताल के बाद की जा रही है, जिसने पूरे देश में बैंकिंग सेवाओं को प्रभावित किया था. यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन (यूएफबीयू) जो नौ बैंक यूनियनों की एक संस्था है, ने सोमवार को 2 दिन की हड़ताल का आह्वान किया जिसमें 10 लाख से अधिक बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों ने भाग लिया था.

मंगलवार को हड़ताल के दूसरे दिन वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा ''जिन बैंकों का निजीकरण होने की संभावना है उनके निजीकरण होने के बाद भी कार्य जारी रहेगा और कर्मचारियों की इंटरेस्ट की भी रक्षा होगी. उन्होंने कहा केंद्रीय मंत्रिमंडल ने डेवलपमेंट फाइनेंस इंस्टीट्यूशन (डीएफआई) की स्थापना को मंजूरी दे दी है, ये एहसास होने पर कि डीएफआई की स्थापना के लिए विकास और फाइनेंशियल उद्देश्य दोनों मायने रखेंगे.वित्त मंत्री ने कहा ''बजट के दौरान हमने उल्लेख किया था कि हम फंड इंफ्रास्ट्रक्चर और डेवलपमेंट एक्टिविटी के लिए एक राष्ट्रीय बैंक की स्थापना करेंगे.''

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