मध्यप्रदेश शासन ने रविवार को स्पष्ट करते हुए कहा कि राज्य में चतुर्थ श्रेणी (फोर्थ ग्रेड) कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति की आयु घटाई नहीं गई है।
आधिकारिक सूत्रों ने स्पष्ट करते हुए कहा कि सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जो अधिसूचना 30 अक्टूबर को जारी की गई है, वह मंत्रियों की निजी स्थापना में मंत्रियों की ओर से अपने कार्यकाल के दौरान रखे जाने वाले अस्थायी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों से संबंधित है।
सूत्रों के अनुसार दरअसल सरकार ने उनकी कार्य करने की आयु सीमा 40 वर्ष से बढ़ाकर 60 वर्ष की है। इस अधिसूचना का चतुर्थ श्रेणी के स्थायी कर्मचारियों से कोई संबंध नहीं है। उनकी सेवानिवृत्ति की आयु यथावत 62 वर्ष ही है। सूत्रों ने कतिपय मीडिया में आई इन खबरों को पूरी तरह असत्य बताया है कि सरकार द्वारा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति की आयु घटाई गई है।
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के ट्वीट पर बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि ये फिर जनता को प्रलोभन देकर छलने का प्रयास है। आप अपने पुराने वचन पत्र को पूरा नहीं कर पाए थे। जिस प्रकार आपने पहले धोखा किया था फिर आप जनता के साथ धोखा करना चाहते हैं। 15महीने कमलनाथ ने दिग्विजय के इशारे पर मध्य प्रदेश का बंटाधार किया था।
कमलनाथ ने ट्वीट करके कहा था कि कांग्रेस सरकार बनने पर संविदा कर्मचारियों व रोजगार सहायको को नियमित करते हुए, इनका मानदेय एवं सुविधाएं नियमित कर्मचारियों की तरह ही करेंगे।
