भारत की राजधानी दिल्ली पिछले कई सालों से वायु प्रदूषण की समस्या से ग्रस्त है। हर साल प्रदूषण को रोकने के लिए कई तरह के उपाय किये जाते हैं लेकिन वह काम नहीं आने। दिल्ली के प्रदूषण के लिए कभी पराली को दोषी माना जाता है तो कभी दिवाली के पटाखों को, सब पर तमाम प्रतिबंध के बाद भी दिल्ली की हवा लोगों का दम घोंट रही है। प्रदूषण में सांस लेना एक दिन में 40 सिगरेट पीने के बराबर होता है। ऐसे में इस साल दिल्ली सरकार प्रदूषण को रोकने के लिए खुली सिगरेट पर बैन लगाने पर विचार कर रही हैं।
केजरीवाल सरकार ने स्वास्थ्य के लिए हानिकारक तम्बाकू उत्पादों के सेवन से लोगों को दूर करने के लिए और दिल्ली के प्रदूषण को कम करने के लिए खुली सिगरेट और बीड़ी की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर रही है। यानी की अगर सरकार खुली सिगरेट और बीड़ी की बिक्री पर बैन लगा देती है तो सिगरेट पीने वाले सिंगल सिगरेट दुकान से नहीं खरीद सकेंगे। अगर किसी को सिगरेट पीनी है तो उसे पूरी सिगरेट की डब्बी खरीदनी पड़ेगी।
बैन को लगाने के पीछे स्वास्थ्य विभाग की तरफ से ये भी दलील दी गयी है कि खुली सिगरेट खरीदते वक्त व्यक्ति को सिगरेट से होने वाली बीमारी की चेतावनी भी नहीं मिल पाती है वहीं जब सिगरेट की डब्बी खरीदने पर वह सिगरेट से होने वाले प्रभाव को भी डब्बी पर देख सकेगा।
सरकारी अधिकारी की तरफ से जारी बयान कहा गया कि महाराष्ट्र सरकार के फैसले के मद्देनजर अब दिल्ली सरकार भी ये बैन लगाने की प्लानिंग में हैं। खुली सिगरेट का प्रयोग करने वालों को तंबाकू उत्पादों के दुषप्रभाव के बारे में जानकारी नहीं मिल पाती है। इन उपभोक्ताओं का एक बड़ा हिस्सा वंचित लोगों और इन उत्पादों को खरीदने वाले युवाओं का है।
