मध्य प्रदेश में उपचुनाव से पहले शिवराज कैबिनेट से दो मंत्रियों का इस्तीफा

 


भोपाल:मध्य प्रदेश में 28 सीटों पर होने वाले विधानसभा उपचुनाव से पहले शिवराज सिंह चौहान की कैबिनेट से दो मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया है. जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट और राजस्व एवं परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने अपना इस्तीफा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को सौंप दिया है. मुख्यमंत्री ने दोनों के इस्तीफे स्वीकार करते हुए उन्हें राजभवन भेज दिए. ऐसे में अब गोविंद सिंह राजपूत और तुलसी सिलावट के मंत्रालय की जिम्मेदारी शिवराज सिंह चौहान के पास रहेगी.

दरअसल, संविधान का अनुच्छेद 164 (4) कहता है, 'कोई मंत्री, जो निरंतर छह महीने की किसी अवधि तक राज्य के विधान-मंडल का सदस्य नहीं है, उस अवधि की समाप्ति पर वह मंत्री नहीं रहेगा.' मसलन तुलसी सिलावट और गोविंद सिंह राजपूत सिंह अभी विधान-मंडल नहीं है. सूबे में 7 महीने पहले सत्ता परिवर्तन के बाद सिलावट और गोविंद सिंह राजपूत को विधानसभा की सदस्यता के बगैर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के पांच सदस्यीय मंत्रिमंडल में 21 अप्रैल को शामिल किया गया था. ऐसे में दोनों ने संविधान का अनुच्छेद 164 (4) के तहत मंत्रीपद से इस्तीफा दे दिया है.

उल्लेखनीय है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया की सरपरस्ती में सिलावट समेत कांग्रेस के 22 बागी विधायकों के विधानसभा से त्यागपत्र देकर बीजेपी में शामिल होने के कारण तत्कालीन कमलनाथ सरकार का 20 मार्च को पतन हो गया था. इसके बाद शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में भाजपा 23 मार्च को सूबे की सत्ता में लौट आई थी.राज्य में नवंबर 2018 के पिछले विधानसभा चुनावों के दौरान सिलावट कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर सांवेर सीट से विजयी होकर विधानसभा पहुंचे थे और कमलनाथ सरकार में उन्हें लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री बनाया गया था.

13 दिन बाद होने वाले विधानसभा के उपचुनावों में बीजेपी ने सिलावट को अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित सांवेर सीट से ही अपना उम्मीदवार बनाया है, जहां उनकी मुख्य टक्कर कांग्रेस प्रत्याशी और पूर्व लोकसभा सांसद प्रेमचंद गुड्डू के साथ है, सांवेर, राज्य के उन 28 विधानसभा क्षेत्रों में शामिल है जहां तीन नवंबर को उप चुनाव होने जा रहे हैं. इसके अलावा बीजेपी ने गोविंद सिंह राजपूत को सुर्खी से टिकट दिया है.

इस उपचुनाव में कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में आए ज्योतिरादित्य सिंधिया की साख भी दांव पर लगी है. जिन 28 सीटों पर उपचुनाव हो रहे हैं, उनमें 16 सीटें सिंधिया के प्रभाव वाले ग्वालियर-चंबल क्षेत्र की हैं. बता दें कि मध्य प्रदेश विधानसभा की कुल 230 सीटों में से वर्तमान में बीजेपी के 107 विधायक हैं, जबकि कांग्रेस के 88, चार निर्दलीय, दो बसपा एवं एक सपा का विधायक है. 

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