20 लाख करोड़ रुपये के विशेष आर्थिक पैकेज के संबंध में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रही हैं। ये पैकेज आत्मनिर्भर भारत अभियान की अहम कड़ी के तौर पर काम करेगा। यह देश की विकास यात्रा को नई गति देगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस पैकेज की घोषणा करते हुए कहा था कि आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए इस पैकेज में लैंड, लेबर, लिक्विडिटी सभी पर बल दिया गया है।
आत्मनिर्भर भारत का मतलब आत्मविश्वासी भारत
निर्मला सीतारमण ने कहा, इस पैकेज पर फैसला समाज के कई सेक्शन, कई मंत्रालय और विभागों के बीच चर्चा के बाद लिया गया। इस चर्चा में खुद पीएम मोदी भी शामिल रहे। आत्मनिर्भर भारत का मतलब आत्मविश्वासी भारत है, जो लोकल लेवल पर उत्पाद बनाकर ग्लोबल उत्पादन में योगदान करे, न कि अपने में सीमित रहे। आत्मनिर्भर भारत के 5 पिलर हैंः इकॉनमी, इन्फ्रास्ट्रक्चर, सिस्टम, डेमोग्राफी और डिमांड। डीबीटी के जरिए लोगों के खाते में सीधे पैसे पहुंच रहे हैं, किसी को बैंक तक जाने की जरूरत भी नहीं पड़ रही। पिछले कार्यकाल में कई योजनाएं आर्थिक सुधार से जुड़ी हुई थीं, पीएम फसल बीमा योजना, फिशरी डिपार्टमेंट बनाना, पीएम किसान योजना जैसे सुधार कृषि क्षेत्रों के लिए किए गए।
निर्मला सीतारमण ने कहा, इस पैकेज पर फैसला समाज के कई सेक्शन, कई मंत्रालय और विभागों के बीच चर्चा के बाद लिया गया। इस चर्चा में खुद पीएम मोदी भी शामिल रहे। आत्मनिर्भर भारत का मतलब आत्मविश्वासी भारत है, जो लोकल लेवल पर उत्पाद बनाकर ग्लोबल उत्पादन में योगदान करे, न कि अपने में सीमित रहे। आत्मनिर्भर भारत के 5 पिलर हैंः इकॉनमी, इन्फ्रास्ट्रक्चर, सिस्टम, डेमोग्राफी और डिमांड। डीबीटी के जरिए लोगों के खाते में सीधे पैसे पहुंच रहे हैं, किसी को बैंक तक जाने की जरूरत भी नहीं पड़ रही। पिछले कार्यकाल में कई योजनाएं आर्थिक सुधार से जुड़ी हुई थीं, पीएम फसल बीमा योजना, फिशरी डिपार्टमेंट बनाना, पीएम किसान योजना जैसे सुधार कृषि क्षेत्रों के लिए किए गए।
हमारी कोशिश कोई भूखा न रहे
पैकेज को लेकर वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा, कोरोना ने देश-दुनिया के सामने कई संकट खड़े किए, लेकिन इस चुनौती के समय भी पीएम मोदी देश के लिए अवसर देखते हैं। संकट के वक्त हमारी कोशिश है कि देश में कोई भी भूखा ना रहे।
राहत पैकेज में किसानों श्रमिकों को भी मिलेगा लाभ
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, यह आर्थिक पैकेज कुटीर उद्योग, लघु, मंझोले उद्योग, एमएसएमई के लिए है, जो करोड़ों लोगों की आजीविका का साधन हैं। जो आत्मनिर्भर भारत के हमारे संकल्प का मजबूत आधार है। यह आर्थिक पैकेज देश के उस श्रमिक और किसान के लिए है, जो हर मौसम में देशवासियों के लिए दिन-रात परिश्रम करते हैं। यह आर्थिक पैकेज मध्यम वर्ग के लिए है, जो ईमानदारी से टैक्स देकर देश के विकास में योगदान देता है। यह पैकेज आर्थिक जगत के लिए है जो भारत के आर्थिक विकास को बुलंदी देते हैं। आगे वित्त मंत्री के स्तर से इस आर्थिक पैकेज की विस्तार से जानकारी दी जाएगी।
पैकेज को लेकर वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा, कोरोना ने देश-दुनिया के सामने कई संकट खड़े किए, लेकिन इस चुनौती के समय भी पीएम मोदी देश के लिए अवसर देखते हैं। संकट के वक्त हमारी कोशिश है कि देश में कोई भी भूखा ना रहे।
राहत पैकेज में किसानों श्रमिकों को भी मिलेगा लाभ
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, यह आर्थिक पैकेज कुटीर उद्योग, लघु, मंझोले उद्योग, एमएसएमई के लिए है, जो करोड़ों लोगों की आजीविका का साधन हैं। जो आत्मनिर्भर भारत के हमारे संकल्प का मजबूत आधार है। यह आर्थिक पैकेज देश के उस श्रमिक और किसान के लिए है, जो हर मौसम में देशवासियों के लिए दिन-रात परिश्रम करते हैं। यह आर्थिक पैकेज मध्यम वर्ग के लिए है, जो ईमानदारी से टैक्स देकर देश के विकास में योगदान देता है। यह पैकेज आर्थिक जगत के लिए है जो भारत के आर्थिक विकास को बुलंदी देते हैं। आगे वित्त मंत्री के स्तर से इस आर्थिक पैकेज की विस्तार से जानकारी दी जाएगी।
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