प्रवासी और राज्य के श्रमिकों के बिना सही आंकड़े के सरकार कैसे देगी रोजगार‑अखिलेश

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने श्रमिकों को रोजगार देने की योजना को लेकर योगी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि सरकार के पास प्रदेश के अन्दर और प्रवासी श्रमिकों की संख्या की सही जानकारी नहीं है, ऐसे में वह किस आधार पर रोजगार देने की बात कर रही है।
अखिलेश ने शुक्रवार को कहा कि सरकारी अव्यवस्था और अदूरदर्शिता का हाल यह है कि प्रदेश की भाजपा सरकार के पास राज्य के अंदर और बाहर के प्रदेशों में काम करने वालों की सही संख्या क्या है, इसकी जानकारी नहीं है। अब तक लाखों श्रमिक आ चुके हैं फिर भी उतनी ही श्रमिक दूसरे राज्यों में फंसे हैं।
उन्होंने कहा कि विभिन्न राज्यों में जो श्रमिक जहां रूक गया है वहां से वह अपने गृह जनपद नहीं जा पा रहा है। भूख और आशंकाओं से घिरा श्रमिक की जिंदगी बदहाल है। इनके अलावा विभिन्न राज्यों में तीर्थयात्री और छात्र भी हैं जिनको लाने में कई राज्यों से होकर आना होगा।
अखिलेश ने कहा कि जब राज्य सरकार के पास प्रवासी और राज्य के श्रमिकों का सही आंकड़ा ही नहीं है तो वह रोजगार कैसे देगी? उनके रहने-खाने की व्यवस्था भी लम्बे समय तक कैसे होगी? समाजवादी पार्टी इसीलिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग कर रही है ताकि कोरोना संक्रमण काल में रोजी-रोटी के सवाल पर भी सार्थक विचार विमर्श हो सके।
सपा अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा का रवैया यह जताने का है कि वही सब कुछ कर रही है। इस संकट काल से उबरने में जनता की भागीदारी नहीं हो रही है, विपक्ष का सहयोग नहीं लिया जा रहा है। भाजपा सरकार को विपक्षी नेताओं एवं दोनों सदनों के प्रतिपक्ष के नेताओं की तत्काल संयुक्त बैठक आमंत्रित कर भविष्य की रणनीति तय करें जिससे कोरोना जैसी भयंकर महामारी का कारगर मुकाबला किया जा सके।
उन्होंने कहा कि यह कैसी विडम्बना है कि मजदूर बंधु इन दिनों रोजी-रोटी से वंचित तिल‑तिल घुट रहे हैं। श्रमिकों के थोक वोट बटोरने वालों को इनके दुःख दर्द के प्रति कितनी संवेदना है। इनके लिए क्या सरकारी इंतजाम है? संकट में फंसे इन श्रमिक बंधुओं के साथ समाजवादी आज भी खड़े हैं और हमेशा उनके साथ रहेंगे।
उन्होंने कहा कि यह खबर तो बहुत दुःखदायी है कि अपने प्रदेश के श्रमिकों के साथ भाजपा सरकार गैरों जैसा व्यवहार कर रही है। मुंबई से 18 दिन पैदल चलकर महोबा पहुंचे उत्तर प्रदेश के श्रमिकों को महोबा प्रशासन ने उलटे मध्य प्रदेश भेज दिया। भाजपा सरकार कागजों पर ही श्रमिकों की मदद का ढोंग कर रही है। 
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