कोरोना वायरस के चलते पिछले 2 महीने से दुनियाभर के शेयर बाजारों में भारी गिरावट बनी हुई है. इसका असर घरेलू शेयर बाजार पर भी देखा जा रहा है. इस उथल पुथल के बीच देश के सबसे अमीर व्यक्ति मुकेश अंबानी की संपत्ति में दो माह के दौरान 28 फीसदी की कमी आयी है. 31 मार्च तक की बात करें तो इन 2 महीनों में मुकेश अंबानी की संपत्ति 1900 करोड़ डॉलर घट गई है. अगर रोज की बात करें तो यह करीब 2250 करोड़ रुपये के आस पास होगा. यानी पिछले 2 माह से उनकी दौलत में रोज 2250 करोड़ रुपये की कमी आई है. दुनियाभर में सबसे ज्यादा संपत्ति का नुकसान उठाने वाले अंबानी दूसरे व्यक्ति हैं.
अमीरों की लिस्ट में नीचे खिसके
31 मार्च को मुकेश अंबानी की संपत्ति की कुल वैल्यू करीब 48 अरब डॉलर रहा है. इस दौरान उनकी दौलत में 19 अरब डॉलर यानी 1.37 लाख करोड़ रुपये की कमी आई है. संपत्ति में इस गिरावट के चलते हुरुन की वैश्विक अमीरों की सूची में रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी 8वें से 17वें स्थान पर खिसक गए.
फरवरी से मार्च 2020 की बात करें तो इस सूची में शामिल अन्य भारतीयों में अडाणी समूह के प्रमुख गौतम अडाणी की संपत्ति में 600 करोड़ डॉलर यानी 37 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है. एचसीएल टेक्नोलॉजीज के प्रमुख शिव नाडर की संपत्ति 500 करोड़ डॉलर या 26 फीसदी और कोटक बैंक के उदय कोटक की संपत्ति 400 करोड़ डॉलर यानी 28 फीसदी घट गई. अंबानी को छोड़कर बाकी तीनों लोग लिस्ट में टॉप 100 से बाहर हो गए हैं.
अंबानी से ज्यादा सिर्फ बर्नाड आर्नाल्ट को नुकसान
मुकेश अंबानी इन 2 महीनों में सबसे ज्यादा संपत्ति गंवाने वाले दूसरे शख्स है. इनसे ज्यादा सिर्फ फ्रांस की फैशन कंपनी एलवीएमएच के प्रमुख बर्नाड आर्नाल्ट को नुकसान हुआ, जिनकी इस दौरान संपत्ति 28 फीसदी या 3000 करोड़ डॉलर घटकर 7700 करोड़ डॉलर रह गयी है. बर्कशर हाथवे के वॉरेन बफे को भी इस दौरान 1900 करोड़ डॉलर का नुकसान हुआ, जो अंबानी के बराबर है.
शेयर बाजार 25 फीसदी गिरा
इन 2 महीनों की बात करें तो ।कोरोना वायरस महामारी के चलते घरेलू शेयर बाजार में 25 फीसदी की गिरावट दर्ज की गयी है. दुनियाभर की कंपनियों को कोरोना वायरस महामारी की आर्थिक कीमत चुकानी पडी है. हुरुन रिपोर्ट के भारत के प्रबंध निदेशक अनस रहमान ने कहा कि भारत के शीर्ष उद्योगपतियों को शेयर बाजार में 26 फीसदी की गिरावट और डॉलर के मुकाबले रुपये के 5.2 फीसदी कमजोर होने का असर झेलना पड़ा है.
