मध्यप्रदेश में ग्वालियर के बाद भोपाल टोटल लॉकडाउन, जिला प्रशासन ने जारी किए आदेश

भोपाल। भोपाल सोमवार 06 अप्रैल 2020 से पूरी तरह लॉकडाउन हो जाएगा। इस दौरान सिर्फ दूध और मेडिकल दुकाने ही खुल सकेगी। भोपाल जिला कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी तरुण पिथोड़े के निर्देश पर अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी सतीश कुमार एस ने धारा 144 के अंतर्गत संशोधित आदेश जारी कर 5 अप्रैल रविवार रात 12 बजे से भोपाल को पूरी तरह लॉक डाउन करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं।भोपाल जिला प्रशासन द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि अब भोपाल पूरी तरह से लॉक डाउन रहेगा। कोरोनावायरस की चेन तोड़ने के लिए जिला प्रशासन ने यह सख्त कदम उठाए हैं।
कलेक्टर तरुण पिथौडे ने कहा कि अब भोपाल में दूध और दवाई की दुकानों को छोड़कर सभी तरह की दुकानें अगले आदेश तक बंद रहेंगी। आम नागरिक को सिर्फ पास की दूध और दवाई की दुकान तक अकेले जाने की अनुमति होगी। सक्षम अधिकारी द्वारा अधिकृत नगर निगम की भोजन वितरण व्यवस्था और होम डिलीवरी चालू रहेगी। इस दौरान भोपाल की करोद सब्जी मंडी भी बंद रहेगी इस दौरान व्यापारी किसानों से सब्जी आदि खरीदकर नगर निगम के माध्यम से बेंच सकेगें। पूर्ण लॉकडाउन के दौरान किराना दुकानों और अन्य दुकानों को भी दी गई छूट आगामी आदेश तक समाप्त कर दी गई है। वही आदेश में कहा गया है कि अधिकृत होम डिलीवरी के अतिरिक्त अन्य सभी दुकानें बंद रहेंगी। केवल दवाई दुकान ही खुली रहेंगी। होम डिलीवरी, दूध पार्लर, और मेडिकल दुकान इस दौरान खुले रहेंगी। शासकीय कार्य के लिए अतिआवश्यक सेवा में लगे हुए सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के वाहनों को इस प्रतिबंध से छूट रहेगी। सक्षम अधिकारी द्वारा अधिकृत नगर निगम की भोजन वितरण व्यवस्था और होम डिलीवरी चालू रहेगी।
इसके पहले ग्वालियर में इसी तरह का लॉक डाउन जिला कलेक्टर द्वारा आदेश कर किया गया है। भोपाल ऐसा दूसरा शहर है, जहां टोटल लॉकडाउन लागू किया जा रहा है। 21 दिन के लॉकडाउन में भोपाल में अब तक मंडी और किराना स्टोर्स खुले थे, लेकिन कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ने के कारण प्रशासन ने यह सख्त कदम उठाया है। भोपाल में अब तक 18 कोरोना पॉजिटिव पाए गए, इनमें 2 मरीज स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं। शनिवार को करौंद मंडी के एक सब्जी व्यापारी की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। इसके बाद भोपाल की सभी सब्जी मंडियों को अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है। 
इससे पहले प्रशासन ने शहर में कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए शहर को 7 जोन बांट दिया था और शहर की सीमाएं सील कर दी थी। लेकिन शहर के अंदर लोगों की आवाजाही होने से हालत नहीं सुधरे। वही पुराने भोपाल में लोग पुलिस को देखते ही घर के अंदर चले जाते हैं और बाद में फिर बाहर आ जाते हैं। ये वही क्षेत्र है जहां जमात में आए 8 जमातियों को कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। इन जमातियों ने शहर की कई घनी बस्तियों में घूमकर धार्मिक प्रचार किया था। वही नए भोपाल में भी लोग नियमों की अनदेखी करते हुए बेवजह सड़कों पर घूमते देखे जा रहे थे। भोपाल जिला पुलिस ने पिछले 24 घंटे में 105 केस दर्ज किए है। वही धारा 144 के उलंघन को लेकर 405 मामले 22 मार्च से आज तक दर्ज हुए है। 
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