देश के टॉप 5 राज्य जहां सबसे पहले पहुंचा कोरोना वायरस, इटली से जुड़े हैं अधिकतर मामले

भारत में कोरोना वायरस से संक्रमितों की संख्या 5 अप्रैल की शाम 5 बजे तक 3,819 थी, वहीं 106 लोगों के मौत की पुष्टि हो गई है। भारत में कोरोना वायरस का पहला मामला 30 जनवरी को केरल के त्रिशूर जिले में सामने आया था। इसकी पुष्टि खुद केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने ट्वीट करके की थी। भारत का पहला कोरोना संक्रमित मरीज चीन के वुहान विश्वविद्यालय से आया था जिसमें कोरोना की पुष्टि हुई थी, हालांकि अब उसकी रिपोर्ट निगेटिव है। इसके बाद दो और तीन फरवरी को क्रमशः भारत में कोरोना के दूसरे और तीसरे मरीज की पुष्टि हुई जो कि वुहान से ही लौटे थे और केरल के रहने वाले थे। फिलहाल केरल में कोरोना से संक्रमितों की संख्या 306 पहुंच गई है। आइए जानते हैं कि भारत किस राज्य और केंद्र शासित प्रदेश में कोरोना कैसे और कहां से फैला...
केरल के बाद इन चार राज्यों मे पहुंचा कोरोना
  1. दिल्ली- केरल के बाद दिल्ली भारत का दूसरा शहर (केंद्र शासित प्रदेश) है जहां दो मार्च को कोरोना के पहले संक्रमण की पुष्टि हुई। पूर्वी दिल्ली के मयूर विहार में कोरोना के संक्रमण का पता चला। संक्रमित शख्स ने पहले ऑस्ट्रेलिया और उसके बाद इटली की यात्रा की थी।
  2. हैदराबाद- देश में कोरोना का तीसरा मामला हैदराबाद के तेलंगाना से सामने आया जिसकी पुष्टि दो मार्च को हुई। तेलंगाना में कोरोना से संक्रमित पाए जाने वाले शख्स ने दुबई और बैंकॉक की यात्राएं की थी।
  3. राजस्थान- हैदराबाद के बाद राजस्थान में तीन मार्च को कोरोना के पहले संक्रमण की पुष्टि हुई। संक्रमित शख्स की उम्र 69 बताई गई और वह इटली से वापस आया था।
  4. हरियाणा- हरियाणा के गुरुग्राम में चार मार्च को पहला मामला सामने आया। गुरुग्राम में कोरोना से संक्रमित पाए जाने शख्स ने भी इटली की यात्रा की थी।
किस राज्य में कहां से पहुंचा कोरोना वायरस- टॉप 5
  1. महाराष्ट्र- अब बात करें उन राज्यों की जहां कोरोना के सबसे अधिक मामले हैं तो इस लिस्ट में महाराष्ट्र टॉप पर है। महाराष्ट्र में कोरोना से संक्रमितों की संख्या 690 है जिनमें से 387 तो केवल मुंबई से हैं। अभी तक सबसे ज्यादा मौत महाराष्ट्र में ही हुई है जिसकी संख्या 36 है। महाराष्ट्र में सबसे पहले कोरोना की पुष्टि नौ मार्च को पुणे में हुई थी। मरीज ने अपनी बेटी और पत्नी के साथ दुबई की यात्रा की थी। 10 मार्च को यहां चार अन्य लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई जिनमें पहले मरीज की बेटी, पत्नी, फ्लाइट में साथ आए सहयात्री और कैब ड्राइवर शामिल थे। दुबई से आए शख्स की वजह से करीब 10 लोगों में कोरोना का संक्रमण हुआ। महाराष्ट्र के अन्य मामले ब्रिटेन, अमेरिका और थाईलैंड से जुड़े हैं।
  2. तमिलनाडु- महाराष्ट्र के बाद तमिलनाडु देश का दूसरा ऐसा राज्य है जहां कोरोना वायरस का संक्रमण सबसे अधिक है। यहां अभी तक 485 मामले सामने आए हैं जिनमें से केवल चेन्नई से 91 हैं। तमिलनाडु में अभी तक पांच लोगों की मौत हो चुकी है। तमिलनाडु के कांचीपुरम में सात मार्च को पहले मामले की पुष्टि हुई थी। शख्स 28 फरवरी को ओमान से चेन्नई आया था। इसके बाद चेन्नई में 18 मार्च को दूसरे मामले की पुष्टि हुई। तमिलनाडु में कोरोना वायरस आयरलैंड, दुबई और न्यूजीलैंड जैसे देशों से पहुंचा है।
  3. दिल्ली- दिल्ली, कोरोना से प्रभावित देश का तीसरा बड़ा शहर (केंद्र शासित प्रदेश) है जहां संक्रमित मरीजों की संख्या 445 है जिनमें से छह की मौत हो चुकी है। दिल्ली में पहला मामला दो मार्च को मयूर विहार में सामने आया था। शख्स ने इटली और ऑस्ट्रेलिया की यात्राएं की थी। दूसरा मामला पांच मार्च को जनकपुरी से सामने आया जो कि एक बड़ी कंपनी का कर्मचारी था। उसने भी इटली की यात्रा की थी। तीसरा मामला छह मार्च को उत्तम नगर से सामने आया था। शख्स ने थाईलैंड और मलेशिया की यात्रा की थी।
  4. केरल- केरल में कोरोना वायरस के पहले मामले की पुष्टि 30 जनवरी को हुई थी और यही भारत में कोरोना का पहला मामला भी था। केरल में कोरोना का पहला संक्रमण त्रिशूर के 20 वर्षीय छात्र में पाया गया था जो कि चीन के वुहान से आया था। केरल में अब मरीजों की संख्या 306 हो चुकी है जिनमें से 2 लोगों की मौत भी हुई है। केरल के भी अधिकतर मामले इटली और दोहा कतर से जुड़े हैं।
  5. तेलंगाना- तेलंगाना देश का पांचवा ऐसा राज्य है जहां कोरोना का संक्रमण सबसे अधिक है। यहां अभी तक 272 मामले सामने आ चुके हैं। अभी तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है। तेलंगाना में कोरोना का पहला केस हैदराबाद में 14 मार्च को सामने आया था। उस शख्स ने भी इटली की यात्रा की थी। इटली के बाद तेलंगाना में अधिकतर मामले इंडोनेशिया, ब्रिटेन और दुबई से जुड़े हैं। कुल मिलाकर देखें तो भारत में कोरोना के अधिकतर मामलों का तार इटली से ही जुड़ा है।
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