कोरोना को लेकर बड़ा खुलासा, सेहत ही नहीं सेक्स लाइफ भी बिगाड़ देगा वायरस ! - sach ki dunia

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कोरोना को लेकर बड़ा खुलासा, सेहत ही नहीं सेक्स लाइफ भी बिगाड़ देगा वायरस !

नई दिल्ली :  
कोरोना वायरस (coronavirus) को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है. इस खुलासे के बाद लोगों का डर और बढ़ जाएगा. चीन की वुहान यूनिवर्सिटी के झॉन्गनान अस्पताल से एक रिपोर्ट सामने आई है कि कोरोना वायरस सेक्स हार्मोन्स पर असर डाल रहे हैं. उन्हें नपुंसक बना रहे हैं. कोरोना वायरस की वजह से पुरुषों का अंडकोष खराब हो रहा है.
वुहान यूनिवर्सिटी के झॉन्गनान अस्पताल में किए गए अध्ययन की रिपोर्ट medRxiv.org पर प्रकाशित हुई है. झॉन्गनान अस्पताल ने यह अध्ययन कोरोना वायरस से बीमार 81 पुरुषों पर किया है. इनमें20 से 54 साल के उम्र के लोगों को रखा गया है जो कोरोना के शिकार रह चुके हैं. झॉन्गनान अस्पताल के रिसर्च वर्क में हुबेई क्लीनिकल रिसर्च सेंटर फॉर प्रीनेटर डायग्नोसिस एंड बर्थ हेल्थ के वैज्ञानिकों ने भी मदद की है.
रिपोर्ट में बताया गया है कि मरीजों के शरीर में टेस्टोस्टेरॉन और ल्यूटीनाइसिंग हार्मोन का अनुपात बिगड़ रहा है. इसे शॉर्ट फॉम में T/LH अनुपात कहा जाता है. शोध में शामिल मरीज झॉन्गनान अस्पताल में जनवरी में भर्ती हुए थे. उनकी जांच तब गई गई जब ये ठीक होने वाले थे.
रिसर्च में कहा गया है कि अगर टेस्टोस्टेरॉन और ल्यूटीनाइसिंग हार्मोन का अनुपात बिगड़ता है तो अंडकोष सही से काम नहीं करते हैं. उनमें वीर्य बनना कम हो जाता है. या फिर खत्म हो जाता है. जिसकी वजह से पुरुष के नपुंसक होने का खतरा होता है.
अगर T/LH अनुपात बिगड़ता है तो पुरुषों के अंडकोष सही से काम नहीं करते. उनमें वीर्य बनना कम हो जाता है. या फिर बंद हो जाता है. साथ ही सेक्स हार्मोन की कमी आ जाती है
टेस्टोस्टेरॉन हार्मोन पुरुषों का मुख्य हार्मोन होता है जो अंडकोष, मांसपेशियां, हड्डियां और बाल बनाने में मदद करता है. ल्यूटीनाइसिंग हार्मोन पुरुष और महिलाओं दोनों में होता है. इससे पुरुष और महिलाएं उत्तेजित होते हैं. कोरोना वायरस की वजह से इनके अनुपात बिगड़ने लगे हैं. जिसकी वजह से पुरुषों की सेक्स करने की क्षमता कम हो जाएगी.
वुहान के टोंगजी अस्पताल के रिप्रोडक्टिव मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर ली यूफेंग ने बताया कि उन्होंने काफी पहले इस बात का अध्ययन किया था कि कोरोना वायरस पुरुषों के अंडकोष पर हमला कर सकता है. उन्हें निष्क्रिय कर सकता है. यह रिसर्च छोटे से समूह पर किया गया है. अस्पताल के वैज्ञानिकों का कहना है कि इसका अध्ययन बड़े पैमाने पर होना चाहिए. ताकि इस बाबत सही जानकारी सामने आ सकें.
बता दें कि कोरोना वायरस दुनिया के हर मुल्क में फैल चुका है. 510,018 लाख लोग दुनिया भर कोरोना से पीड़ित हो चुके हैं. वहीं, 23,010 लोग कोरोना वायरस से जान गंवा चुके हैं. जबकि 122,232 लोग कोरोना से जंग जीतकर अस्पताल से घर लौट चुके हैं.