नई दिल्ली: कोरोना वायरस दुनिया के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुका है. दुनिया के 195 देशों में 145 देशों में कोरोना वायरस पहुंच चुका है और केवल 40 छोटे देश-द्वीप इससे बचे हैं. दुनिया की 7.5 अरब जनसंख्या में से 6 अरब से ज्यादा जनसंख्या तक पहुंचा है. मौजूदा समय में कोरोना वायरस 525 गुना तेजी से बढ़ रहा है. भारत में अभी 84 मामले हैं जिसमें से 2 की मौत हो चुकी है. इसी बीच, भारत ने कोरोना वायरस की पहचान की है. चीन, जापान, यूएस, थाईलैंड के बाद यह उपलब्धि पाने वाला पांचवा देश बना है.
नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ वाइरालजी (NIV) पुणे ने वायरस आइसोलेट किया. पॉजिटिव मरीजों के सैंपल से वायरस आइसोलेट किया. भारत में आइसोलेट किया गया वायरस वुहान में मिले वायरस से 99.98 % मिलता है. इससे टेस्टिंग किट डेवलप करने और दवा की खोज में मदद मिलेगी. आसान भाषा में वायरस को पकड़कर पहचान लिया गया है. दवा बनाने की दिशा में यह पहला कदम है. हालांकि, दवा बनाने में कम से कम एक साल लग सकता है. इसमें कम से कम 10 मिलियन डॉलर का खर्च आ सकता है. भारत के अलावा केवल 4 देश वायरस की पहचान कर पाए हैं. इसमें चीन, जापान, यूएस, थाईलैंड शामिल हैं.
बचाव ही इकलौता समाधान
कोरोना से बचाव ही फिलहाल इसका इकलौता समाधान है. अच्छा तो ये होगा कि आप घर से बाहर कम से कम निकलें लेकिन अगर आपको घर से बाहर निकलना पड़ता है तो सावधान रहने में ही आपकी भलाई है. ऑफिस में सार्वजनिक स्थलों पर जाते हुए, पब्लिक ट्रांसपोर्ट में सफर करते हुए मोबाइल इस्तेमाल से लेकर लैपटॉप पर काम करते हुए आपको हर जगह सावधानी बरतने की जरूरत है.
कोरोना से बचाव ही फिलहाल इसका इकलौता समाधान है. अच्छा तो ये होगा कि आप घर से बाहर कम से कम निकलें लेकिन अगर आपको घर से बाहर निकलना पड़ता है तो सावधान रहने में ही आपकी भलाई है. ऑफिस में सार्वजनिक स्थलों पर जाते हुए, पब्लिक ट्रांसपोर्ट में सफर करते हुए मोबाइल इस्तेमाल से लेकर लैपटॉप पर काम करते हुए आपको हर जगह सावधानी बरतने की जरूरत है.