जबलपुर: दलहन तथा तिलहन फसलों के लिए पंजीयन 23 अक्टूबर तक

समर्थन मूल्य पर दलहन तथा तिलहन फसलों सोयाबीन, अरहर, उड़द, मूंग तथा तिल का उपार्जन निर्धारित खरीदी केन्द्रों में किया जायेगा। इसके लिए किसानों का पंजीयन 23 अक्टूबर तक निर्धारित सभी खरीदी केन्द्रों में किया जा रहा है। जिन किसानों ने गतवर्ष पंजीयन करा लिया है उन्हें नया पंजीयन कराने की आवश्यकता नहीं है। उनका पंजीयन राजस्व विभाग के गिरदाबरी एप पर कराया जा रहा है। पूर्व से पंजीकृत किसान एमपी किसान मोबाइल एप्लीकेशन से भी अपना पंजीयन का नवीनीकरण करा सकते हैं। केवल पंजीकृत किसानों को ही समर्थन मूल्य पर खरीदी का लाभ मिलेगा।
जिले में दलहन एवं तिलहनी फसलों के लिए उपार्जन के लिए किसानों का पंजीयन 3 अक्टूबर से आरंभ हो गया है। पंजीयन कराने के लिए किसान आधार कार्ड, बैंक पासबुक, समग्र आईडी अथवा पेन कार्ड, ऋण पुस्तिका की छायाप्रति प्रस्तुत करना होगा। वनाधिकार पट्टाधारी किसान वनाधिकार पत्र की छायाप्रति तथा बटाई अथवा अधियां में खेती करने वाले किसान अनुबंध पत्र की प्रति प्रस्तुत करना होगा। गतवर्ष की पंजीयन पर्ची की हस्ताक्षर प्रति भी प्रस्तुत करना आवश्यक होगा। पूर्व से पंजीकृत किसान अपने पंजीयन का नवीनीकरण निर्धारित पंजीयन केन्द्रों में अथवा एमपी किसान मोबाइल एप के द्वारा करा सकते हैं।

धान उपार्जन के लिए किसान अब 25 अक्टूबर तक करा सकेंगे अपना पंजीयन
राज्य शासन ने धान, ज्वार एवं बाजरा उपार्जन के लिए किसानों के पंजीयन की समय-सीमा बढ़ा दी है ।  अब किसान 25 अक्टूबर तक निर्धारित केन्द्रों पर जाकर अपना पंजीयन करा सकेंगे । किसानों के पंजीयन के लिए पूर्व में तय की गई अवधि बुधवार 16 अक्टूबर को खत्म हो गयी थी । खरीफ उपार्जन के लिए किसानों के पंजीयन की समय-सीमा बढ़ाने का अनुरोध कलेक्टर जबलपुर भरत यादव ने पत्र भेजकर राज्य शासन से किया था । किसानों के पंजीयन की अवधि पूरे प्रदेश में एक साथ बढ़ाकर 25 अक्टूबर कर दी गई है ।
अब तक 32 हजार किसानों ने कराया पंजीयन:
      जिले में धान उपार्जन के लिए आज 16 अक्टूबर तक करीब 32 हजार किसान अपना पंजीयन करा चुके है । पिछले चार-पांच दिनों में किसानों के पंजीयन में काफी तेजी आई थी । किसानों के पंजीयन के लिए जिले में 63 पंजीयन केन्द्र बनाये गये हैं । इन केन्द्रों पर खरीफ उपार्जन के लिए किसानों का अब पंजीयन 25 अक्टूबर तक किया जायेगा ।
कलेक्टर कार्यालय की खाद्य शाखा से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में खरीफ उपार्जन के लिए पूर्व वर्ष में भी 31 हजार 778 किसान अपना पंजीयन करा चुके थे । हालॉकि पूर्व में पंजीकृत इन किसानों को दुबारा पंजीयन कराने की आवश्यकता नहीं होगी । लेकिन इन्हें अपने पुराने पंजीयन को अपडेट कराने एवं खरीदी केन्द्र पर फसल के विक्रय की तीन संभावित तिथियां पंजीयन केन्द्रों पर जाकर बतानी होगी और पोर्टल पर अपलोड कराना होगा ।
वर्ष 2019-20 खरीफ विपणन के लिए विकेन्द्रीकृत उपार्जन योजना के अंतर्गत धान कॉमन 1815 रूपए प्रति क्विंटल तथा धान ग्रेड-ए 1835 रूपए प्रति क्विंटल की दर से क्रय की जाएगी। खरीफ उपार्जन के लिए किसानों का पंजीयन अब 25 अक्टूबर तक प्रात: 08 बजे से रात्रि 08 बजे तक निर्धारित पंजीयन केन्द्रों पर किया जाएगा। किसान शासकीय अवकाश के दिन छोड़कर इन केन्द्रों पर खरीफ उपर्जान के लिए पंजीयन करा सकते हैं।
इसके अतिरिक्त किसान स्वयं एमपी किसान एप, ई-उपार्जन मोबाईल एप, पब्लिक डोमेन में ई-उपार्जन पोर्टल पर भी पंजीयन कर सकते हैं। किसान पंजीयन के लिए एमपी किसान एप तथा ई-उपार्जन मोबाईल एप को किसान एण्ड्राइड वेस्ड मोबाईल पर गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं। नवीन, सिकमी किसान एवं वनाधिकार पट्टाधारी किसान अपना पंजीयन केवल निर्धारित पंजीयन केन्द्रों पर ही करा सकते हैं।

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