ग्वालियर: जिले में बीस दिन तक कमरे में बंद कर भूखा-प्यासा रखे जाने से सत्रह गायों की मौत का मामला सामने आया है। बेदर्द गांव वालों ने इन गायों को ऐसे कमरे में बंद किया था जहां सूर्य का उजाला तक नहीं था। ऐसे में बीस दिन चारा-पानी नहीं मिलने से उनकी मौत हो गई। पुलिस ने मामले में 12 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
जानकारी के अनुसार जिले के डबरा शहर से करीब 10 किलोमीटर दूर समूदन गांव में कमरे में बंद रखी गईं 17 गायों की भूख-प्यास से तड़पकर मौत होने की खबर है। इन गायों को ग्रामीणों ने ही कमरे में बंद किया था। इस कमरे के पास ही दो स्कूल, पंचायत भवन, जनमित्र केंद्र और आंगनबाड़ी केंद्र भी हैं। बुधवार को कमरे से बदबू आने पर गांव की सरपंच के पति बलवीर सिंह, पंचायत सचिव प्रदीप राणा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता प्रेमाबाई को गायों की मौत की जानकारी मिली थी। आरोप है कि इन सभी ने मामले को दबाने का प्रयास किया।
इसके लिए रात में ही कमरे की दीवार जेसीबी से तोड़ी गई और आंगनबाड़ी केंद्र के बाहर ही मरी गायों को दफनाने का प्रयास किया। प्रदेश की मंत्री इमरती देवी, कलेक्टर अनुराग चौधरी मौके पर पहुंचे और एसडीएम को जांच करने के निर्देश देते हुए को रिपोर्ट देने के लिए कहा।
मुख्यमंत्री कमलनाथ के ट्वीट पर जागा प्रशासन
घटना को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने दोपहर में एक ट्वीट किया। उन्होंने लिखा- ग्वालियर के डबरा के समूदन में 17 गायों की मृत्यु की खबर बेहद दुखद है। निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं। हम गो माता की रक्षा और संवर्धन के लिए निरंतर प्रयासरत और वचनबद्ध हैं। ऐसी घटनाएं बर्दाश्त नहीं की जा सकती हैं। इस ट्वीट के बाद रात में कलेक्टर-एसपी सहित अधिकारी मौके पर पहुंचे।
जानकारी के अनुसार जिले के डबरा शहर से करीब 10 किलोमीटर दूर समूदन गांव में कमरे में बंद रखी गईं 17 गायों की भूख-प्यास से तड़पकर मौत होने की खबर है। इन गायों को ग्रामीणों ने ही कमरे में बंद किया था। इस कमरे के पास ही दो स्कूल, पंचायत भवन, जनमित्र केंद्र और आंगनबाड़ी केंद्र भी हैं। बुधवार को कमरे से बदबू आने पर गांव की सरपंच के पति बलवीर सिंह, पंचायत सचिव प्रदीप राणा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता प्रेमाबाई को गायों की मौत की जानकारी मिली थी। आरोप है कि इन सभी ने मामले को दबाने का प्रयास किया।
इसके लिए रात में ही कमरे की दीवार जेसीबी से तोड़ी गई और आंगनबाड़ी केंद्र के बाहर ही मरी गायों को दफनाने का प्रयास किया। प्रदेश की मंत्री इमरती देवी, कलेक्टर अनुराग चौधरी मौके पर पहुंचे और एसडीएम को जांच करने के निर्देश देते हुए को रिपोर्ट देने के लिए कहा।
मुख्यमंत्री कमलनाथ के ट्वीट पर जागा प्रशासन
घटना को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने दोपहर में एक ट्वीट किया। उन्होंने लिखा- ग्वालियर के डबरा के समूदन में 17 गायों की मृत्यु की खबर बेहद दुखद है। निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं। हम गो माता की रक्षा और संवर्धन के लिए निरंतर प्रयासरत और वचनबद्ध हैं। ऐसी घटनाएं बर्दाश्त नहीं की जा सकती हैं। इस ट्वीट के बाद रात में कलेक्टर-एसपी सहित अधिकारी मौके पर पहुंचे।
यह है पूरा मामला
समूदन गांव में हाईवे के किनारे शासकीय माध्यमिक पाठशाला है। इसके परिसर में पटवारियों के बैठने के लिए बने भवन के दो कक्षों में कुछ ग्रामीणों ने 20 दिन पहले 17 गायों को बंद कर दिया था। कारण कि इन गायों ने उनके खेतों में खड़ी धान की फसल चौपट कर दी थी।इन गायों के मरने के बाद बुधवार रात कुछ लोग अंधेरे में इन्हें जेसीबी की मदद से गड्ढा खोदकर दफना रहे थे। इसकी सूचना लगते ही गो सेवकों ने मौके पर पहुंचकर हंगामा कर दिया। साथ ही हाईवे पर ट्रैफिक जाम कर दिया। देर रात अज्ञात के खिलाफ डबरा सिटी थाने में गो वध प्रतिषेध अधिनियम में मुकदमा दर्ज किया गया। गुरुवार को मामले की गंभीरता देखते हुए कलेक्टर, एसपी सहित प्रशासन व पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे।
इसी दौरान मंत्री इमरती देवी भी पहुंच गईं उन्होंने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की बात कही। वहीं एसडीएम ने जनपद पंचायत, पीडब्ल्यूडी, महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला शिक्षा अधिकारी को नोटिस देकर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर अनुराग चौधरी ने कहा कि गायों की मौत की घटना अमानवीय है। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा, कड़ी कार्रवाई करेंगे। एसडीएम स्तर से जांच कराई जा रही है।
