विधानसभा अध्यक्ष यहां डुमना एयरपोर्ट रोड पर ग्राम मेहगंवा में बनने वाली संभाग स्तरीय खाद्य एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशाला के भूमिपूजन समारोह को संबोधित कर रहे थे । राज्यसभा सांसद विवेक कृष्ण तन्खा की अध्यक्षता में संपन्न हुए इस समारोह में प्रदेश के वित्त मंत्री तरूण भनोत, सामाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन कल्याण मंत्री लखन घनघोरिया, क्षेत्रीय विधायक अशोक रोहाणी, बरगी के विधायक संजय यादव एवं नगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दिनेश यादव विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद थे ।
विधानसभा अध्यक्ष ने अपने उद्बोधन में जबलपुर सहित इंदौर और ग्वालियर में खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला स्थापित करने के राज्य सरकार के निर्णय की भी तारीफ की । उन्होंने कहा कि इससे खाद्य पदार्थों में मिलावट के मामलों की जाँच में तेजी आयेगी और दोषी लोगों को सख्त सजा दिलाई जा सकेगी । विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों में कानून का भय होना जरूरी है । उन्होंने कहा कि वैसे तो मिलावट हर उपभोक्ता वस्तुओं में बढ़ी है लेकिन खाद्य पदार्थों में मिलावट हमारी भविष्य की पीढ़ी के लिए ज्यादा नुकसानदायक साबित हो रही है । यह मिलावट करने वालों की ही देन है कि आज दूषित और मिलावटी खाद्य पदार्थों के सेवन से पन्द्रह वर्ष की आयु के बच्चे भी बीमार होकर अस्पताल में भर्ती हो रहे हैं ।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि जबलपुर में बन रही खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला से संभाग के सभी जिलों को लाभ होगा । उन्होंने प्रयोगशाला का निर्माण समय-सीमा पर पूरा करने की अपेक्षा व्यक्त की । श्री प्रजापति ने व्यापारिक संगठनों से भी खाद्य पदार्थों में मिलावट के विरूद्ध जनता को जागरूक करने की दिशा में काम करने का आग्रह करते हुए कहा कि यदि मिलावटी सामग्री का विक्रय नहीं किया जा रहा है तो सरकार द्वारा चलाये जा रहे अभियान को लेकर किसी में भी असंतोष नहीं होना चाहिए ।
राज्यसभा सांसद विवेक कृष्ण तन्खा ने अध्यक्ष की आसंदी से समारोह को संबोधित करते हुए जबलपुर में खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला की स्थापना को सराहनीय कदम बताया और इसके लिए मुख्यमंत्री कमलनाथ की सराहना की । उन्होंने कहा कि भोपाल में एकमात्र प्रयोगशाला होने से रिपोर्ट आने में विलंब का फायदा मिलावट करने वालों को मिलता था वे सजा पाने से छूट जाते थे ।
तन्खा ने कहा कि खाद्य पदार्थों में मिलावट की रोकथाम के लिए सरकार अपनी तरह से प्रयास कर रही है और इसमें काफी हद तक कामयाब भी हो रही है । उन्होंने कहा कि मिलावट सिर्फ खाद्य पदार्थों के क्षेत्र में ही नहीं हो रही है बल्कि मिलावटखोरी और नकली उत्पादों का प्रचलन हर क्षेत्र में बढ़ रहा है । कास्मेटिक प्रोड्क्ट्स, ऑटो पार्टस, फर्टिलाइजर और यहां तक कि जीवनरक्षक दवायें भी इससे अछूती नहीं रह गई हैं । राज्यसभा सांसद ने कहा कि नकली और बनावटी उत्पाद देश के विकास एवं छवि को भी प्रभावित करते हैं । यदि देश को सच्चे अर्थों में विकसित बनाना है तो हमें इन क्षेत्रों में मिलावट के विरूद्ध भी अभियान चलाना होगा तथा जनप्रतिनिधियो, समाज और जागरूक नागरिकों को इसका नेतृत्व करना होगा ।
तन्खा ने इस मौके पर मुख्यमंत्री कमलनाथ के विकास के विजन की सराहना की । उन्होंने कहा कि कमलनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में नई सरकार के गठन के बाद विकास के प्रति नई सोच बनी है और वातावरण बदला है । जो विकास के कार्य हो रहे हैं इसका फायदा निश्चित रूप से भविष्य की पीढ़ी को मिलेगा ।
वित्त मंत्री तरूण भनोत ने अपने संबोधन में खाद्य पदार्थों में मिलावट को अमानवीय कृत्य बताते हुए अपने मुनाफे के लिए लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों को देशद्रोही की संज्ञा दी । भनोत ने कहा कि मिलावटखोरों के विरूद्ध रासुका तक की कार्यवाही हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि यह धंधा किस कदर फलफूल रहा था ।
वित्त मंत्री ने इस मौके पर मिलावटखोरों के विरूद्ध अभियान चलाने के लिए मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ और स्वास्थ्य मंत्री श्री तुलसी सिलावट की तारीफ की । उन्होंने कहा कि शुद्ध के लिए युद्ध का अभियान निरंतर जारी रहेगा और दोषी बच नहीं पायेंगे ।
वित्त मंत्री ने इस मौके पर मिलावटी खाद्य सामग्री के विक्रय की सूचना देने पर नागरिकों के लिए सरकार द्वारा प्रारंभ की गई प्रोत्साहन योजना की जानकारी भी दी । उन्होंने नागरिकों से मिलावट करने वालों की सूचना देने का आग्रह करते हुए कहा कि योजना के तहत सूचना देने वालों का नाम गुप्त रखा जायेगा और मिलावटखोरों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही की जायेगी ।
वित्त मंत्री ने इस मौके पर जबलपुर के सर्वांगीण विकास को मुख्यमंत्री कमलनाथ की सरकार का प्रमुख एजेण्डा बताया । उन्होंने कहा कि केबिनेट की बैठक से लेकर तीन हजार करोड़ रूपये की परियोजनाओं की स्वीकृति यह दर्शाता है कि प्रदेश की वर्तमान सरकार जबलपुर को महानगरीय स्वरूप देने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है । वित्त मंत्री ने शहर के विकास में सभी जनप्रतिनिधियों से दलगत भावना से ऊपर उठकर कार्य करने का आव्हान किया । उन्होंने डुमना नेचर रिजर्व में टाइगर सफारी की स्थापना के लिए किये जा रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य शासन से टाइगर सफारी के लिए तमाम स्वीकृतियां मिल चुकी है तथा केन्द्र शासन के पर्यावरण मंत्रालय को इसकी स्थापना की अनुमति देने का प्रस्ताव भेजा जा चुका है । वित्त मंत्री ने कहा कि जबलपुर के सभी जनप्रतिनिधि को डुमना में टाइगर रिजर्व की स्थापना के लिए आगे आना होगा । उन्होंने राजनैतिक मतभेदों को दर किनार कर केन्द्रीय पर्यावरण मंत्री से टाइगर सफारी को स्वीकृति प्रदान करने के लिए एक साथ भेंट करने की बात कही ।वित्त मंत्री ने राज्यसभा सांसद तन्खा से केन्द्रीय पर्यावरण मंत्री से भेंट करने के लिए सभी दलों के जनप्रतिनिधियों के शिष्ट मंडल का नेतृत्व करने का आग्रह किया ।
सामाजिक न्याय मंत्री लखन घनघोरिया ने भी समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में अपने विचार रखे । उन्होंने खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला की स्थापना को संस्कारधानी जबलपुर के लिए बड़ी सौगात बताया । सामाजिक न्याय मंत्री ने कहा कि खाद्य पदार्थों में मिलावट जघन्य अपराध है । यह मिलावट का ही असर है कि आज हर तीसरा व्यक्ति किसी न किसी बीमारी से पीड़ित है । सामाजिक न्याय मंत्री ने इस मौके पर मुख्यमंत्री कमलनाथ की विकासवादी सोच की तारीफ करते हुए कहा कि सड़कों और बड़े-बड़े निर्माण कार्य के साथ-साथ लोगों को अच्छी स्वास्थ्य सेवायें और शैक्षणिक सुविधायें देना भी विकास की उनकी अवधारणा में शामिल है । सामाजिक न्याय मंत्री ने इस मौके पर विश्वास दिलाया कि जबलपुर अब विकास की दौड़ में पीछे नहीं रहेगा । उन्होंने मिलावटखोरों के विरूद्ध चलाये जा रहे अभियान में निष्पक्षता और पारदर्शिता बरते जाने की सराहना की ।
समारोह के प्रारंभ में क्षेत्रीय विधायक अशोक रोहाणी ने केंट विधानसभा क्षेत्र में खाद्य एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशाला की स्थापना के लिए सरकार का आभार जताया । समारोह में प्रमुख सचिव स्वास्थ्य श्रीमती पल्लवी जैन गोविल, खाद्य सुरक्षा आयुक्त नीतिश व्यास एवं कलेक्टर भरत यादव भी मंचासीन थे । इस अवसर पर बताया गया कि जबलपुर में ग्राम मेहगांव में एक एकड़ भूमि पर बन रही संभाग स्तरीय खाद्य एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशाला एक वर्ष की समयावधि में बनकर तैयार होगी । प्रयोगशाला के निर्माण पर करीब 5 करोड़ रूपये की लागत आयेगी । इसका निर्माण मध्यप्रदेश गृह निर्माण एवं अधोसंरचना मंडल करेगा ।