किसानों ने सिंचाई के लिए दाहौद डैम की नहर खोली, देर रात तक चला हंगामा - sach ki dunia

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Tuesday, February 20, 2018

किसानों ने सिंचाई के लिए दाहौद डैम की नहर खोली, देर रात तक चला हंगामा

मंडीदीप। काफी समय से सिंचाई के लिए दाहौद डैम से नहर में पानी छोड़े जाने की मांग कर रहे किसानों का सब्र मंगलवार को टूट गया। नूरगंज दाहोद, इटाया के गुस्साए किसान दाहौद डैम पहुंचकर नहर को खोल दिया। यह खबर आग की तरफ फैली तो जिला प्रशासन के अधिकारी, सिंचाई विभाग और बड़ी संख्या में पुलिसबल पहुंच गया। अधिकारियों ने किसानों को काफी समझाया। लेकिन, किसान नहीं माने। किसानों का कहना है कि यदि हमसे जोर अजमाइश की गई तो हम यहां पर सामुहिक रूप से जल समाधि ले लेंगे। देर रात तक जिला प्रशासन नहर नहीं बंद करा सका था।

मंगलवार को किसानों का समूह एकत्र हुआ और जलाशय पहुंच कर नहर खोल दी। इसकी जानकारी सिंचाई विभाग को लगी तो उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को अवगत कराया। तहसीलदार लगभग आठ बजे दाहोद जलाशय पहुंचे। इस दौरान वहां नूरगंज दाहोद, इटाया के किसान बड़ी संख्या में एकत्र हो गए थे। हंगामा होते देख घटना स्थल पर मंडीदीप, औबेदुल्लागंज व नूरगंज पुलिस पहुंची। लेकिन, स्थिति जस की तस बनी हुई है। बड़ी संख्या में किसान इकटठा हैं। अधिकारियों के समझाने के बाद भी किसान नहीं माने।

मंडीदीप और औबेदुल्लागंज जाता है पानी

मंडीदीप की एकेवीएन एवं औबेदुल्लागंज में दाहोद डैम से 2 लाइनों के माध्यम से पानी दिया जाता था। मुख्यमंत्री पेयजल योजना के अंतर्गत मंडीदीप के लिए तीसरी पाइपलाइन डालकर पानी मुहैया कराने को लेकर काम चालु हो गया है। कुछ दिन पूर्व किसानों के विरोध के बाद नपा को काम रोकना पड़ा था। इससे आक्रोशित किसानों का मंगलवार को सब्र का बांध यह कहते हुए टूट गया की सिंचाई के लिए इसका निर्माण किया था और अब सिंचाई के लाले पड़ रहे हैं। किसानों ने धमकी दी अगर नहर बंद की तो किसान सामूहिक रूप से ेजल समाधि ले लेंगे। इसके बाद पुलिस ने अपने कदम पीछे खींच लिए। किसान बीते पंद्रह दिनों से शासन से नहर खोलने की मांग कर रहे थे। सिचांई विभाग के अनुसार वर्तमान में दाहोद डैम में मात्र 5 एमसीएम पानी है। इस पानी से जून 2018 तक के लिए मंडीदीप औद्योगिक क्षेत्र, रहवासी क्षेत्र तथा नगर पाषिद औबेदुल्लागंज की पेयजल पूर्ति की जानी है। इस पानी से अगर दो दिन भी नहर चलती है तो क्षेत्र की 15 दिन की पेयजल व्यवस्था गड़ाबड़ा जाएगी। मालूम हो कि इस वर्ष अल्पवर्षा के चलते दाहोद डैम में केवल 57 प्रतिशत ही पानी जमा हो सका था।

प्रशासन पहुंचा मौके पर

किसानों द्वारा जबरन नहर खोले जाने की खबर पर गौहरगंज तहसीलदार चंद्रशेखर श्रीवास्तव, सिंचाई विभाग के अधिकारी और बड़ी संख्या में पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद हैं। इस संबंध में श्रीवास्तव का कहना है कि पानी का संकट है। इस संबंध में किसानों से बात की जा रही है। वहीं सिचाई विभाग के एसडीओ अनिल अग्रवाल का कहना है कि क्षेत्र की पेयजल व्यवस्था तथा कारखानों की जलापूर्ति के लिए जितना पानी जून माह तक के लिए चाहिए उससे भी कम पानी दाहौद डैम में बचा है। इस स्थिति में सिचाई के लिए पानी दे पाना मुश्किल है। खबर लिखे जाने तक नहर चालू थी।

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