IT छापेमारी पर कांग्रेस का हंगामा तो सरकार की ओर से जेटली ने संभाला मोर्चा


नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के दौरान आज संसद में कर्नाटक के मंत्री के ठिकानों पर हुई आयकर छापेमारी का मुद्दा उठा। कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश की। ज्ञातव्य है कि आयकर विभाग ने कर्नाटक के ऊर्जा मंत्री शिव कुमार के कई ठिकानों पर छापेमारी की। साथ ही आयकर विभाग कीख्टीम ने बेंगलुरु स्थित उस आवास पर भी छापेमारी की, जहां कांगे्रस के विधायक ठहरे हुए हैं। इस पर कांग्रेस ने इस मुद्दे को संसद के दोनों सदनों में उठाया। कांग्रेस ने बीजेपी पर बदले की भावना की राजनीति का आरोप लगाया। कांग्रेस नेता मल्लिकाजुर्न खडगे ने कहा कि यह छापेमारी डराने धमकाने के लिए की गई।

राज्यसभा में कांगे्रस नेता आनंद शर्मा ने कहा कि छापे की टाइमिंग और जगह सवाल खडे करती है। आनंद शर्मा ने कहा कि ये कोई संजोग नहीं है ये कि इस तरह के छापे पडे। कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि पहले सिर्फ गुजरात में डर का माहौल था, अब वह माहौल दक्षिण के राज्यों में भी दिख रहा है। उन्होंने सवाल किया कि यह छापेमारी आज ही क्यों हुई।

सरकार की तरफ से अरूण जेटली ने संभाला मोर्चा: 
वहीं कांग्रेस पर पलटवार करते हुए सरकार की तरफ से लोकसभा और राज्यसभा में वित्त मंत्री अरूण जेटली ने मोर्चा संभाला। जेटली ने दोनों सदनों में इस मुद्दे पर सरकार का बचाव किया। लोकसभा में जेटली ने कहा कि रिसॉर्ट में ना तो कोई छापा पडा और ना ही किसी कांग्रेसी नेता की तलाशी ली गई। 
उन्होंने कहा कि अधिकारी उनके बयान लेने के लिए रिसॉर्ट गए थे। जेटली का कहना है कि जब अधिकारी रिसॉर्ट पहुंचे तो कई दस्तावेज फाडे जा रहे थे। इन्हें अफसरों ने कब्जे में ले लिया है। साथ ही उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई को गुजरात के किसी चुनाव या राजनीति से जोडकर नहीं देखा चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि कुल 39 जगहों पर छापे मारे गए हैं। इसके अलावा अगर कोई शख्स कांग्रेसी विधायकों की मेजबानी में लगा है

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