बैंकों ने अगर लिखे और कटे-फटे नोट लेने से किया इनकार तो देना होगा 10 हजार रुपये जुर्माना

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने नोटिफेकेशन जारी कर सूचना दी है कि यदि कोई भी बैंक कुछ भी लिखे हुए नोटों को लेने से मना करेगा तो उसपर कार्रवाई की जाएगी।  देश में लोग नोटों पर कुछ भी लिख देते हैं जिसकी वजह से सालाना रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया को काफी नुकसान होता है लेकिन इन सबको नजर अंदाज करते हुए आरबीआई ने नोटिफेकशन जारी कर बैंकों से ऐसे नोटों को वैध मानने के लिए कहा है। इसके साथ ही नोटिफिकेशन में कहा गया है यदि कोई भी बैंक कटे-फटे नोटों को स्वीकार नहीं करता है तब भी उनपर जुर्माना लगाया जाएगा।
आरबीआई के नोटिफिकेश के अनुसार ऐसे किसी भी नोट की मान्यता को खत्म नहीं किया जाएगा जिसपर कुछ लिखा होगा। इस नोटिफिकेशन में कहा गया है कि बैंक अगर फटे हुए नोटों को लेने से मना कर देता है तो ग्राहक इसकी शिकायत हमसे करें, जिसके बाद बैंक पर 10,000 रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा। इसमें कुछ प्रतिबंध भी हैं जिसमें कि 2016 में आरबीआई द्वारा जारी किए गए नोटिफिकेशन में कहा गया था कि अगर कोई उपभोक्ता 20 नोट या 5 हजार रुपए तक के ऐसे नोटों को बदलवाता है तो उसे सर्विज चार्ज देना होगा।
इस मामले को लेकर सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का कहना है कि आरबीआई की तरफ से हमें ऐसी कोई सूचना नहीं मिली है कि नोटों पर कुछ लिखे होने से वह वैध नहीं माने जाएंगे। इसके बाद बैंक के एक अधिकारी ने कहा कि बेशक हमें ऐसी कोई सूचना न मिली हो लेकिन हम लोगों से अपील करते रहते हैं कि वे न तो नोटों को मोड़े, न उन्हें स्टेपल करें और न ही उनपर कुछ लिखें।
वहीं इस बारे में जब कुछ बैंकों से पूछा गया कि वे ऐसे नोटों को लेते हैं या नहीं तो उन्होंने इस बारे में कुछ भी जवाब देने से मना कर दिया। आपको बता दें कि साल 1999 में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया द्वारा स्वच्छ नोट नीति शुरु की गई थी, जिसमें लोगों से अपील करते हुए कहा गया था कि वे नोटों पर कुछ भी न लिखें।

एक टिप्पणी भेजें

और नया पुराने
sach ki dunia, India's top news portal Get Latest News. Hindi Samachar