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नरसिंहपुर की शुगर मिल में 60 फीट ऊंचाई से गिरा मजदूर, मौत के बाद परिजनों का फूटा गुस्सा

नरसिंहपुर जिले के मडगुला स्थित विंध्यवासिनी शुगर मिल में मेंटेनेंस के दौरान करीब 60 फीट की ऊंचाई से गिरने पर 32 वर्षीय मजदूर पुष्पेंद्र वर्मा की मौत हो गई। परिजनों ने सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराने का आरोप लगाते हुए मिल प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी जताई। मुआवजे को लेकर पुलिस-प्रशासन की मौजूदगी में बातचीत के बाद सहमति बनने की जानकारी है।

नरसिंहपुर की शुगर मिल में 60 फीट ऊंचाई से गिरा मजदूर, मौत के बाद परिजनों का फूटा गुस्सा
नरसिंहपुर की शुगर मिल में 60 फीट ऊंचाई से गिरा मजदूर, मौत के बाद परिजनों का फूटा गुस्सा

नरसिंहपुर। जिले की गाडरवारा तहसील अंतर्गत मडगुला गांव स्थित विंध्यवासिनी शुगर मिल में मंगलवार सुबह दर्दनाक औद्योगिक हादसा हो गया। मिल परिसर में रूटीन मेंटेनेंस के दौरान करीब 60 फीट की ऊंचाई पर काम कर रहा एक मजदूर अचानक नीचे गिर गया। गंभीर चोटें आने से उसकी मौत हो गई।

मृतक की पहचान ग्राम आमगांव छोटा निवासी पुष्पेंद्र वर्मा, उम्र 32 वर्ष के रूप में हुई है। घटना के बाद सहकर्मी और मिल कर्मचारी उसे तत्काल गाडरवारा सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

हादसे की सूचना मिलते ही मृतक के परिजन और बड़ी संख्या में ग्रामीण अस्पताल पहुंच गए। इसके बाद अस्पताल परिसर में तनाव और गहमागहमी की स्थिति बन गई। शव को मर्चुरी में रखवाकर पंचनामा और पोस्टमार्टम की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

मृतक के परिजनों ने मिल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पुष्पेंद्र को इतनी अधिक ऊंचाई पर काम के लिए भेजा गया, लेकिन कथित रूप से उसे सेफ्टी हार्नेस, सुरक्षा जाली और हेलमेट जैसे जरूरी सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए गए थे।

परिजनों का आरोप है कि यदि औद्योगिक सुरक्षा के बुनियादी इंतजाम किए गए होते तो हादसे को टाला जा सकता था। हालांकि इन आरोपों पर मिल प्रबंधन का विस्तृत पक्ष सामने आना बाकी है।

मजदूर की मौत के बाद आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने उचित आर्थिक सहायता और मुआवजे की मांग की। नाराज लोगों ने मांग पूरी नहीं होने पर मुख्य मार्ग पर चक्काजाम करने की चेतावनी भी दी।

स्थिति को देखते हुए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में मिल प्रबंधन और पीड़ित परिवार के बीच बातचीत कराई गई। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक आर्थिक सहायता और मुआवजे को लेकर दोनों पक्षों के बीच सहमति बनने के बाद तनाव कम हुआ।

हादसे ने एक बार फिर औद्योगिक प्रतिष्ठानों में मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब जांच में यह स्पष्ट होगा कि काम के दौरान निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं और दुर्घटना के लिए किसी स्तर पर लापरवाही जिम्मेदार थी या नहीं।

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लेखक

Arti Lodhi

Editor In Chief

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