प्रादेशिक ख़बरें

मध्यप्रदेश में पटवारियों का बड़ा आंदोलन: ऑनलाइन राजस्व कार्य बंद, चार पटवारियों की बर्खास्तगी और निलंबन के खिलाफ मोर्चा

मध्यप्रदेश में स्वामित्व योजना के तहत अधिकार अभिलेखों के निष्पादन एवं पंजीयन को लेकर पटवारी संघ और प्रशासन के बीच विवाद गहरा गया है। देवास जिले में चार पटवारियों की सेवा समाप्ति तथा जबलपुर सहित अन्य जिलों में निलंबन और दंडात्मक कार्रवाई के विरोध में मध्यप्रदेश पटवारी संघ ने 8 अक्टूबर 2026 से ऑनलाइन राजस्व कार्यों का बहिष्कार शुरू करने की घोषणा की है। संघ ने आरोप लगाया है कि स्वामित्व योजना से जुड़े दस्तावेजों में पटवारियों की निजी जानकारियां सार्वजनिक हो रही हैं। कार्रवाई वापस नहीं होने पर प्रदेशव्यापी अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल की चेतावनी दी गई है।

मध्यप्रदेश में पटवारियों का बड़ा आंदोलन: ऑनलाइन राजस्व कार्य बंद, चार पटवारियों की बर्खास्तगी और निलंबन के खिलाफ मोर्चा

जबलपुर। मध्यप्रदेश में स्वामित्व योजना के तहत ‘स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन-2026’ को लेकर पटवारियों और प्रशासन के बीच विवाद गहराता जा रहा है। देवास जिले में चार पटवारियों की सेवा समाप्ति तथा जबलपुर सहित अन्य जिलों में निलंबन और दंडात्मक कार्रवाई के विरोध में मध्यप्रदेश पटवारी संघ ने आंदोलन तेज कर दिया है। संघ के प्रांतीय निर्णय के अनुसार 8 अक्टूबर 2026 से प्रदेशभर के पटवारियों ने ऑनलाइन राजस्व कार्यों से विरत रहने और शासकीय व्हाट्सएप एवं अन्य संचार समूहों से बाहर होने का निर्णय लिया है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि दंडात्मक कार्रवाई वापस नहीं ली गई, तो आंदोलन अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल में बदल सकता है।

चार पटवारियों की सेवा समाप्ति पर भड़का विरोध

पटवारी संघ के अनुसार देवास जिले में चार पटवारियों की सेवा समाप्त करने तथा जबलपुर सहित अन्य जिलों में निलंबन एवं दंडात्मक कार्रवाई किए जाने से कर्मचारियों में नाराजगी है। संघ ने इन कार्रवाइयों को वापस लेने की मांग करते हुए प्रदेशव्यापी आंदोलन का रास्ता अपनाया है।

मुक्ता चौकसे बोलीं...शासकीय कार्य का नहीं, निजी जानकारी सार्वजनिक होने का विरोध

मध्यप्रदेश पटवारी संघ की जिला शाखा जबलपुर की कार्यकारी अध्यक्ष सुश्री मुक्ता चौकसे ने मीडिया से चर्चा करते हुए स्पष्ट किया कि पटवारी किसी भी शासकीय कार्य का विरोध नहीं कर रहे हैं। उनका विरोध स्वामित्व योजना के तहत तैयार किए जा रहे अधिकार अभिलेखों और पंजीयन प्रक्रिया में कर्मचारियों की व्यक्तिगत जानकारियों के उपयोग और कथित सार्वजनिक प्रदर्शन को लेकर है।

उन्होंने बताया कि अभिलेखों में पटवारियों के व्यक्तिगत आधार कार्ड से संबंधित विवरण, मोबाइल नंबर, ओटीपी, नाम और फोटो जैसी संवेदनशील जानकारियां उजागर होने की शिकायतें हैं। संघ का मानना है कि इससे कर्मचारियों की निजता और व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।

अभिलेखों में व्यक्तिगत पहचान नहीं, केवल पदनाम दर्ज करने की मांग

पटवारी संघ का कहना है कि शासकीय कर्तव्यों के निर्वहन के दौरान तैयार होने वाले दस्तावेजों में संबंधित कर्मचारी की व्यक्तिगत पहचान को अनावश्यक रूप से सार्वजनिक नहीं किया जाना चाहिए। संघ ने मांग की है कि ऐसे अभिलेखों में पटवारी का केवल पदनाम दर्ज किया जाए और व्यक्तिगत विवरण सुरक्षित रखे जाएं।

संघ के अनुसार इस समस्या को लेकर लगभग 20 दिन पहले ही स्वामित्व योजना से संबंधित कार्यों का बहिष्कार किया गया था। इसके बावजूद अब तक उनकी आपत्तियों का संतोषजनक समाधान नहीं हुआ है।

पटवारी संघ की प्रमुख आपत्तियां

संघ ने आधार संबंधी विवरण, निजी मोबाइल नंबर, ओटीपी, फोटो और व्यक्तिगत पहचान की सुरक्षा का मुद्दा उठाया है। उसकी मांग है कि सरकारी दस्तावेजों में कर्मचारी की जवाबदेही सुनिश्चित करने के साथ-साथ निजी जानकारियों की गोपनीयता भी बनी रहनी चाहिए।

8 अक्टूबर से ऑनलाइन राजस्व कार्यों का बहिष्कार

पटवारी संघ के अनुसार समस्याओं का समाधान करने के बजाय प्रशासन द्वारा कर्मचारियों के विरुद्ध एकतरफा दंडात्मक कार्रवाई की जा रही है। संघ ने इसे दमनकारी रवैया बताते हुए विरोध दर्ज कराया है।

प्रांतीय निर्णय के तहत गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026 से प्रदेश के पटवारियों ने ऑनलाइन राजस्व कार्यों से अलग रहने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही शासकीय व्हाट्सएप और अन्य संचार समूहों से भी बाहर होने की जानकारी दी गई है।

इस आंदोलन के कारण ऑनलाइन राजस्व कार्यों के प्रभावित होने की आशंका है। हालांकि अलग-अलग जिलों में कामकाज पर वास्तविक असर की स्थिति प्रशासनिक स्तर पर स्पष्ट होना बाकी है।

प्रमुख सचिव और जबलपुर कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

पटवारी संघ के जिलाध्यक्ष श्री जागेन्द्र पीपरी, प्रांताध्यक्ष श्री उपेन्द्र बघेल और जिला कार्यकारी अध्यक्ष सुश्री मुक्ता चौकसे के नेतृत्व में राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव एवं जबलपुर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर कर्मचारियों की मांगों से अवगत कराया गया है।

ज्ञापन में देवास जिले के चार पटवारियों की सेवा समाप्ति तथा जबलपुर और अन्य जिलों में की गई निलंबन एवं दंडात्मक कार्रवाइयों को तत्काल वापस लेने की मांग की गई है।

कार्रवाई जारी रही तो अनिश्चितकालीन हड़ताल

पटवारी संघ ने चेतावनी दी है कि यदि किसी भी जिले में कर्मचारियों के खिलाफ इसी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई जारी रहती है, तो प्रदेशभर के पटवारी बिना पूर्व सूचना के टोटल शटडाउन और अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल शुरू कर सकते हैं।

राजस्व सेवाओं पर पड़ सकता है असर

पटवारी ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में भूमि अभिलेखों, राजस्व रिकॉर्ड और विभिन्न राजस्व प्रक्रियाओं से जुड़े महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। ऐसे में ऑनलाइन कार्यों का बहिष्कार लंबे समय तक जारी रहने पर नागरिकों को राजस्व संबंधी सेवाओं में देरी का सामना करना पड़ सकता है।

हालांकि किन सेवाओं पर कितना प्रभाव पड़ेगा, यह आंदोलन की अवधि और प्रशासन द्वारा की जाने वाली वैकल्पिक व्यवस्थाओं पर निर्भर करेगा।

निजता और प्रशासनिक जवाबदेही के बीच बढ़ा विवाद

स्वामित्व योजना से जुड़ा यह विवाद अब केवल कार्य बहिष्कार तक सीमित नहीं रह गया है। इसमें सरकारी दस्तावेजों में कर्मचारियों की व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा, शासकीय जवाबदेही और दंडात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे भी शामिल हो गए हैं।

पटवारी संघ का कहना है कि कर्मचारियों की आपत्तियों पर संवाद के माध्यम से समाधान निकाला जाना चाहिए। वहीं सेवा समाप्ति, निलंबन और अन्य कार्रवाइयों के संबंध में प्रशासन का विस्तृत आधिकारिक पक्ष सामने आने पर विवाद की वास्तविक स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

अब प्रशासन के अगले कदम पर नजर

मध्यप्रदेश पटवारी संघ ने स्पष्ट कर दिया है कि कर्मचारियों की निजी जानकारियों की सुरक्षा और दंडात्मक कार्रवाई वापस लेने की मांग पर वह पीछे हटने को तैयार नहीं है। अब देखना होगा कि प्रशासन बातचीत के जरिए विवाद का समाधान निकालता है या आंदोलन प्रदेशव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल का रूप लेता है।

A
लेखक

Arti Lodhi

Editor In Chief

पाठक प्रतिक्रियाएं

अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं है।

आपकी प्रतिक्रिया समीक्षा के बाद प्रकाशित हो सकती है।