नारायणगंज जनपद की ग्राम पंचायत पड़रिया का मामला, शिकायत की जांच के बाद सचिव अभिषेक शर्मा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में कार्रवाई
सच की दुनिया, मंडला। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गरीब और पात्र परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराने की सरकारी योजना में कथित रिश्वतखोरी का मामला सामने आया है।
मंडला जिले की नारायणगंज जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत पड़रिया में पदस्थ सचिव अभिषेक शर्मा के खिलाफ 5 हजार रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW), जबलपुर ने प्रकरण दर्ज किया है।
अभिषेक शर्मा मध्य प्रदेश पंचायत सचिव संगठन के जिलाध्यक्ष भी बताए गए हैं। शिकायत की जांच के बाद ईओडब्ल्यू ने उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत कार्रवाई की है।
जिला: मंडला, मध्य प्रदेश
जनपद पंचायत: नारायणगंज
ग्राम पंचायत: पड़रिया
आरोपित सचिव: अभिषेक शर्मा
संगठनात्मक पद: पंचायत सचिव संघ जिलाध्यक्ष
शिकायतकर्ता: अमन गुप्ता
आवास हितग्राही: शशि गुप्ता
रिश्वत की कथित मांग: ₹5,000
कार्रवाई: भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7(ए)
जांच एजेंसी: आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ, जबलपुर
मां के नाम पर प्रधानमंत्री आवास मंजूर कराना चाहता था बेटा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत पड़रिया निवासी अमन गुप्ता ने अपनी मां शशि गुप्ता के नाम पर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान स्वीकृत कराने की प्रक्रिया के संबंध में पंचायत सचिव से संपर्क किया था।
योजना के अंतर्गत पात्रता संबंधी सर्वे और आवश्यक प्रक्रिया के बाद आवास की स्वीकृति होनी थी।
आरोप है कि इस प्रक्रिया में सहायता करने और आवास स्वीकृत कराने के बदले पंचायत सचिव अभिषेक शर्मा ने अमन गुप्ता से रुपये की मांग की।
आवास स्वीकृति के बदले 5 हजार रुपये मांगने का आरोप
शिकायतकर्ता अमन गुप्ता के अनुसार, पंचायत सचिव अभिषेक शर्मा ने उनकी मां के नाम पर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान स्वीकृत कराने के बदले 5 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी।
कथित अवैध मांग से परेशान होकर अमन गुप्ता ने जबलपुर स्थित आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ के कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत में पंचायत सचिव द्वारा सरकारी आवास योजना से संबंधित काम के बदले रुपये मांगे जाने का आरोप लगाया गया।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि उनकी मां शशि गुप्ता के नाम पर प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत कराने के लिए पंचायत सचिव ने 5 हजार रुपये मांगे थे। इसी शिकायत पर ईओडब्ल्यू ने जांच की।
EOW ने शिकायत का सत्यापन कराया, फिर दर्ज किया मामला
शिकायत मिलने के बाद आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ जबलपुर ने मामले का प्राथमिक सत्यापन कराया।
जांच एजेंसी के अनुसार, सत्यापन के दौरान रिश्वत मांगे जाने संबंधी शिकायत की पुष्टि हुई।
इसके आधार पर पंचायत सचिव अभिषेक शर्मा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के संशोधित प्रावधानों के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज किया गया।
मामले की आगे की जांच जारी है। जांच में उपलब्ध साक्ष्यों और अन्य तथ्यों का परीक्षण किया जाएगा।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7(ए) में कार्रवाई
ईओडब्ल्यू ने पंचायत सचिव के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7(ए) के अंतर्गत मामला दर्ज किया है।
यह प्रकरण एक शासकीय कर्मचारी द्वारा सरकारी कार्य के संबंध में अनुचित लाभ मांगने के आरोप से जुड़ा है।
अधिकारियों के अनुसार, शिकायत का सत्यापन करने के बाद प्राथमिकी दर्ज की गई और मामले को आगे की विवेचना में लिया गया है।
इस मामले में रिश्वत मांगने के आरोप पर प्रकरण दर्ज होने की पुष्टि हुई है। उपलब्ध जानकारी में सचिव को 5 हजार रुपये लेते हुए रंगे हाथों पकड़े जाने की पुष्टि नहीं है। आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के अनुसार होगा।
पंचायत सचिव संघ के जिलाध्यक्ष पर केस दर्ज होने से मामला चर्चा में
प्रकरण में नामजद पंचायत सचिव अभिषेक शर्मा पंचायत सचिव संगठन के जिला अध्यक्ष भी बताए गए हैं।
ऐसे में उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज होना पंचायत प्रशासन और संगठनात्मक स्तर पर महत्वपूर्ण घटनाक्रम है।
हालांकि, इस संबंध में अभिषेक शर्मा अथवा पंचायत सचिव संगठन की कोई प्रतिक्रिया उपलब्ध जानकारी में शामिल नहीं है।
सरकारी आवास योजना में पारदर्शिता का सवाल
प्रधानमंत्री आवास योजना का उद्देश्य पात्र परिवारों को निर्धारित प्रक्रिया और पात्रता के आधार पर पक्के मकान की सुविधा उपलब्ध कराना है।
आवास स्वीकृति से जुड़े काम के बदले रिश्वत मांगने की शिकायत सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही की आवश्यकता को रेखांकित करती है।
इस मामले में ईओडब्ल्यू की जांच से स्पष्ट होगा कि कथित रिश्वत की मांग किन परिस्थितियों में हुई और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे क्या कार्रवाई की जानी है।
मंडला जिले की ग्राम पंचायत पड़रिया में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान स्वीकृत कराने के बदले 5 हजार रुपये की कथित रिश्वत मांगने के आरोप में पंचायत सचिव अभिषेक शर्मा के खिलाफ ईओडब्ल्यू जबलपुर ने प्रकरण दर्ज किया है।
जांच एजेंसी द्वारा शिकायत का सत्यापन किए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया के तहत आरोपों और साक्ष्यों की जांच जारी रहेगी।



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