गंजबासौदा के गायत्री नगर में हादसा, मकान से सटकर गुजर रही बिजली लाइन को लेकर विभाग पर लापरवाही के आरोप
विदिशा। मध्य प्रदेश के विदिशा जिले के गंजबासौदा में करंट लगने से एक बुजुर्ग की मौत का मामला सामने आया है।
शहर के वार्ड क्रमांक 6 स्थित गायत्री नगर में किराए के मकान की तीसरी मंजिल के छज्जे पर खड़े 65 वर्षीय प्रभुलाल गुप्ता पास से गुजर रही 11 केवी हाईटेंशन बिजली लाइन की चपेट में आ गए।
बताया जा रहा है कि बुजुर्ग गुटखा थूकने के लिए नीचे की ओर झुके थे। इसी दौरान वह बिजली लाइन के संपर्क में आ गए।
करंट लगने से उनका शरीर गंभीर रूप से झुलस गया और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
जिला: विदिशा, मध्य प्रदेश
स्थान: गायत्री नगर, वार्ड क्रमांक 6, गंजबासौदा
तारीख: 23 अक्टूबर 2026, शुक्रवार
समय: दोपहर करीब 1 बजे
मृतक: प्रभुलाल गुप्ता
उम्र: 65 वर्ष
बिजली लाइन: 11 केवी हाईटेंशन
पुलिस: गंजबासौदा शहर थाना
तीसरी मंजिल पर गुटखा थूकने झुके, तभी लगा करंट
जानकारी के अनुसार, प्रभुलाल गुप्ता शुक्रवार दोपहर लगभग एक बजे मकान की तीसरी मंजिल के छज्जे पर खड़े थे।
इसी दौरान वह गुटखा थूकने के लिए नीचे की ओर झुके। स्थानीय लोगों के मुताबिक मकान के बेहद नजदीक से गुजर रही 11 केवी बिजली लाइन के संपर्क में आने से उन्हें करंट लग गया।
करंट लगते ही उनका शरीर गंभीर रूप से झुलस गया। हादसे में उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
स्थानीय लोगों के अनुसार, हाईटेंशन बिजली लाइन मकान के काफी करीब से गुजर रही थी। बुजुर्ग के संपर्क में आने के बाद यह हादसा हुआ।
छतरपुर के रहने वाले थे प्रभुलाल, 10 साल से किराए पर रह रहे थे
प्राप्त जानकारी के मुताबिक मृतक प्रभुलाल गुप्ता मूल रूप से मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के निवासी थे।
वह पिछले करीब 10 वर्षों से गंजबासौदा के गायत्री नगर में किराए के मकान में रह रहे थे।
प्रभुलाल मिस्त्री का काम कर अपना जीवनयापन करते थे। उनकी अचानक मौत से आसपास के लोगों में शोक का माहौल है।
बिजली आपूर्ति बंद कराने के बाद उतारा गया शव
हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। बुजुर्ग का शव मकान की बालकनी की रेलिंग पर अटक गया था।
स्थानीय लोगों ने घटना की सूचना बिजली विभाग और पुलिस को दी।
इसके बाद हाईटेंशन लाइन की बिजली आपूर्ति बंद कराई गई। डायल 112 और गंजबासौदा शहर थाना पुलिस मौके पर पहुंची।
पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई के बाद शव को नीचे उतरवाया और पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भिजवाया।
मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू की गई है।
मकान मालकिन का आरोप: लाइन हटाने की शिकायतों पर नहीं हुई कार्रवाई
इस हादसे के बाद मकान मालकिन पदमा चिढ़ार ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
उनका आरोप है कि मकान के बेहद करीब से गुजर रही हाईटेंशन लाइन को हटाने के लिए कई बार बिजली कंपनी के अधिकारियों से शिकायत की गई थी।
उनके अनुसार, अधिकारियों ने लाइन हटाने का आश्वासन दिया था, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
हालांकि, इन शिकायतों और विभागीय स्तर पर हुई कार्रवाई की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
मकान मालकिन का दावा है कि हाईटेंशन लाइन हटाने के लिए पहले भी शिकायतें की गई थीं। अब स्थानीय लोग बिजली लाइनों की सुरक्षा व्यवस्था और रखरखाव की जांच की मांग कर रहे हैं।
पार्षद मनीष विश्वकर्मा ने मेंटेनेंस पर उठाए सवाल
स्थानीय पार्षद मनीष विश्वकर्मा ने भी क्षेत्र की बिजली व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि इलाके में बिजली लाइनों और उपकरणों के रखरखाव पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा।
पार्षद के अनुसार, कई स्थानों पर बिजली लाइनें आवासीय मकानों के काफी नजदीक से गुजर रही हैं।
उन्होंने क्षेत्र की बिजली लाइनों और उपकरणों की जांच कर आवश्यक सुधार करने की मांग की है।
रिहायशी इलाकों में हाईटेंशन लाइनों की सुरक्षा पर चिंता
इस घटना ने आवासीय मकानों के नजदीक से गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइनों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
उच्च वोल्टेज वाली बिजली लाइनों के पास जाना अत्यंत खतरनाक हो सकता है। कुछ परिस्थितियों में सीधे तार छुए बिना भी बिजली का आर्क बनने का खतरा हो सकता है।
ऐसी लाइनों के नजदीक बालकनी, छज्जे या अन्य निर्माण होने पर निर्धारित विद्युत सुरक्षा मानकों का पालन आवश्यक है।
फिलहाल इस मामले में तकनीकी जांच और संबंधित अधिकारियों की रिपोर्ट से ही स्पष्ट होगा कि सुरक्षा मानकों का उल्लंघन हुआ था या नहीं।
गंजबासौदा के गायत्री नगर में 11 केवी हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से प्रभुलाल गुप्ता की मौत हो गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
मकान मालकिन और स्थानीय पार्षद ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। इन आरोपों की निष्पक्ष जांच से हादसे की परिस्थितियों और संभावित जिम्मेदारियों को स्पष्ट किया जा सकेगा।



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