नई दिल्ली। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव तेज हो गया है। मंगलवार को INDIA गठबंधन के सांसदों ने संसद से निर्वाचन आयोग की ओर मार्च किया, वहीं भाजपा ने कांग्रेस और राहुल गांधी के आरोपों पर पलटवार किया।
भाजपा सांसद और राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस के मतदाता सूची संबंधी रुख पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कई नेता पहले मतदाता सूची में एक ही नाम कई बार दर्ज होने और अन्य गड़बड़ियों का मुद्दा उठाते रहे हैं, लेकिन अब सत्यापन की प्रक्रिया का विरोध किया जा रहा है।
त्रिवेदी ने सवाल किया कि अगर मतदाता सूची में अनुपस्थित, दूसरी जगह स्थानांतरित, मृत अथवा डुप्लिकेट नाम मौजूद हैं तो उनका सत्यापन किए जाने का विरोध क्यों किया जा रहा है। उन्होंने कांग्रेस से यह स्पष्ट करने को कहा कि इस मुद्दे पर उसके पुराने बयानों और वर्तमान रुख में अंतर क्यों दिखाई दे रहा है।
सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी और कांग्रेस के अन्य नेताओं के पुराने बयानों का हवाला देते हुए पूछा कि मतदाता सूची में डुप्लिकेट नाम होने संबंधी उनकी पिछली शिकायतें सही थीं या पार्टी का वर्तमान रुख सही है।
भाजपा नेता ने कांग्रेस पर देश की विभिन्न संस्थाओं को लेकर लगातार सवाल खड़े करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने सेना, वायुसेना, LIC, HAL, SBI, SEBI, न्यायपालिका और मीडिया समेत कई संस्थाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस नेतृत्व को अपने आरोपों के समर्थन में तथ्यों को सामने रखना चाहिए।
त्रिवेदी ने राहुल गांधी पर भी तीखा राजनीतिक हमला किया और कांग्रेस नेतृत्व की कार्यशैली पर सवाल उठाए। भाजपा की ओर से यह प्रतिक्रिया ऐसे समय आई जब विपक्षी सांसद निर्वाचन आयोग के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। भाजपा ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए मतदाता सूची के सत्यापन को जरूरी बताया है।
दूसरी ओर, INDIA गठबंधन के सांसदों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर संसद परिसर से निर्वाचन आयोग मुख्यालय की ओर मार्च किया। पुलिस ने विपक्षी सांसदों को रास्ते में रोक दिया, जिसके बाद कई नेताओं ने धरना दिया और नारेबाजी की। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा भी प्रदर्शन में शामिल रहे।
SIR और मतदाता सूची में बदलाव को लेकर विपक्ष और निर्वाचन आयोग के बीच विवाद जारी है। विपक्ष चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठा रहा है, जबकि भाजपा और निर्वाचन आयोग की ओर से इन आरोपों का प्रतिवाद किया जा रहा है।



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