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Eye Care Tips: स्क्रीन टाइम से थक रही हैं आंखें? डाइट में शामिल करें ये 10 फल-सब्जियां, जानिए किन पोषक तत्वों की है जरूरत

मोबाइल, लैपटॉप और टीवी के लंबे इस्तेमाल से आंखों में थकान, सूखापन, जलन और अस्थायी धुंधलापन जैसी डिजिटल आई स्ट्रेन की शिकायतें हो सकती हैं। आंखों की सेहत बनाए रखने में संतुलित आहार की भी भूमिका है। गाजर, पालक, शकरकंद, ब्रोकली, शिमला मिर्च, टमाटर, पपीता, संतरा, आम और कीवी जैसे खाद्य पदार्थ विटामिन A, C, बीटा-कैरोटीन, ल्यूटिन और जेक्सैंथिन जैसे पोषक तत्व उपलब्ध कराते हैं। हालांकि कोई भी खाद्य पदार्थ चश्मे का नंबर खत्म नहीं करता और लगातार धुंधला दिखने या आंखों में परेशानी होने पर नेत्र विशेषज्ञ से जांच जरूरी है।

Eye Care Tips: स्क्रीन टाइम से थक रही हैं आंखें? डाइट में शामिल करें ये 10 फल-सब्जियां, जानिए किन पोषक तत्वों की है जरूरत

लाइफ स्टाइल। सुबह आंख खुलते ही मोबाइल स्क्रीन, ऑफिस या पढ़ाई के दौरान लैपटॉप-कंप्यूटर और रात में टीवी—डिजिटल स्क्रीन अब हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का बड़ा हिस्सा बन चुकी हैं। लंबे समय तक लगातार स्क्रीन देखने से कई लोगों को आंखों में थकान, सूखापन, जलन, सिरदर्द या कुछ समय के लिए धुंधला दिखाई देने जैसी परेशानियां होने लगती हैं।

ऐसे में आंखों की देखभाल केवल आई ड्रॉप या चश्मे तक सीमित नहीं होनी चाहिए। स्क्रीन इस्तेमाल की सही आदतों के साथ संतुलित और पोषक आहार भी आंखों की सामान्य सेहत बनाए रखने में मदद कर सकता है।

आंखों को भी चाहिए सही पोषण
विटामिन A और C के साथ ल्यूटिन, जेक्सैंथिन और बीटा-कैरोटीन जैसे पोषक तत्व आंखों की सामान्य कार्यप्रणाली और स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण हैं। इन्हें रोजमर्रा के कई फल और सब्जियों से प्राप्त किया जा सकता है।

स्क्रीन टाइम बढ़ने पर क्यों थकती हैं आंखें?

मोबाइल या कंप्यूटर स्क्रीन देखते समय व्यक्ति सामान्य से कम बार पलक झपका सकता है। लंबे समय तक नजदीक की स्क्रीन पर ध्यान केंद्रित करने से आंखों पर तनाव महसूस हो सकता है। इसे आम तौर पर डिजिटल आई स्ट्रेन कहा जाता है।

इस दौरान आंखों में सूखापन, भारीपन, जलन, पानी आना, सिरदर्द और अस्थायी रूप से फोकस करने में परेशानी जैसे लक्षण महसूस हो सकते हैं। केवल किसी खास फल या सब्जी से ये समस्याएं खत्म नहीं होतीं, लेकिन पौष्टिक भोजन आंखों की समग्र सेहत के लिए उपयोगी है।

1. गाजर

गाजर बीटा-कैरोटीन का अच्छा स्रोत है। शरीर बीटा-कैरोटीन को जरूरत के अनुसार विटामिन A में बदलता है। विटामिन A सामान्य दृष्टि के लिए महत्वपूर्ण पोषक तत्व है। गाजर को सलाद, सब्जी या अन्य व्यंजनों के रूप में डाइट में शामिल किया जा सकता है।

2. पालक

हरी पत्तेदार सब्जियों में शामिल पालक में ल्यूटिन और जेक्सैंथिन जैसे कैरोटेनॉयड पाए जाते हैं। पालक को सब्जी, दाल, सूप या दूसरी हरी सब्जियों के साथ नियमित भोजन का हिस्सा बनाया जा सकता है।

3. शकरकंद

शकरकंद में भी बीटा-कैरोटीन अच्छी मात्रा में पाया जाता है। इसे उबालकर, भूनकर या दूसरी सब्जियों के साथ खाया जा सकता है। यह फाइबर सहित कई अन्य पोषक तत्व भी उपलब्ध कराता है।

4. ब्रोकली

ब्रोकली में विटामिन C और कई एंटीऑक्सीडेंट पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसे बहुत ज्यादा पकाने के बजाय हल्का पकाकर भोजन में शामिल किया जा सकता है।

5. लाल और पीली शिमला मिर्च

रंगीन शिमला मिर्च विटामिन C सहित कई पोषक तत्वों का स्रोत है। इसे सलाद, सब्जी या दूसरी डिश में शामिल करके रोजमर्रा की डाइट को अधिक विविध बनाया जा सकता है।

6. टमाटर

टमाटर में विटामिन C और लाइकोपीन जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसे सलाद, सब्जी, सूप या दूसरी डिश के रूप में आसानी से नियमित भोजन का हिस्सा बनाया जा सकता है।

7. पपीता

पपीते में विटामिन A के पूर्वरूप वाले कैरोटेनॉयड और विटामिन C सहित कई पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसे नाश्ते या दिन के किसी अन्य समय संतुलित मात्रा में खाया जा सकता है।

8. संतरा और मौसमी

संतरा और मौसमी जैसे खट्टे फल विटामिन C के अच्छे स्रोत हैं। अलग-अलग प्रकार के फल और सब्जियां खाने से शरीर को विभिन्न जरूरी पोषक तत्व प्राप्त करने में मदद मिलती है।

9. आम

आम में बीटा-कैरोटीन सहित कई विटामिन और पौधों से मिलने वाले पोषक तत्व पाए जाते हैं। मौसम में इसे संतुलित मात्रा में डाइट का हिस्सा बनाया जा सकता है।

10. कीवी

कीवी में विटामिन C और कई एंटीऑक्सीडेंट यौगिक पाए जाते हैं। इसे अन्य फलों के साथ संतुलित डाइट में शामिल किया जा सकता है।

सिर्फ डाइट नहीं, स्क्रीन की आदतें भी सुधारें
स्क्रीन पर लंबे समय तक लगातार नजर टिकाने से बचें।
बीच-बीच में दूर की वस्तुओं को देखकर आंखों को आराम दें।
स्क्रीन देखते समय नियमित रूप से पलक झपकाने का ध्यान रखें।
स्क्रीन की ब्राइटनेस और कमरे की रोशनी को आरामदायक स्तर पर रखें।
बच्चों को पर्याप्त आउटडोर गतिविधियों के लिए समय देना भी महत्वपूर्ण है।

क्या ये चीजें खाने से चश्मा उतर सकता है?

नहीं। गाजर या किसी दूसरे फल-सब्जी को खाने से मायोपिया, हाइपरोपिया या एस्टिग्मैटिज्म जैसे refractive errors अपने आप ठीक नहीं होते और न ही चश्मे का नंबर खत्म होने की गारंटी होती है। पौष्टिक भोजन आंखों के सामान्य स्वास्थ्य को बनाए रखने में भूमिका निभाता है, लेकिन जरूरत पड़ने पर सही नंबर का चश्मा और नेत्र विशेषज्ञ की सलाह आवश्यक है।

अगर आंखों में लगातार दर्द, अत्यधिक लालिमा, बार-बार धुंधला दिखाई देना, अचानक दृष्टि कम होना या बच्चों को बोर्ड/दूर की चीजें देखने में परेशानी हो रही हो तो केवल घरेलू उपायों पर निर्भर न रहें और आंखों की जांच कराएं।

स्वास्थ्य संबंधी जानकारी: यह लेख सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी विशेष आंख की बीमारी, लगातार धुंधली दृष्टि या अन्य लक्षणों के निदान और उपचार के लिए योग्य नेत्र विशेषज्ञ की सलाह लें।
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लेखक

Arti Lodhi

Editor In Chief

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