जबलपुर। बरगी बांध के कैचमेंट एरिया में हो रही तेज बारिश के बीच बांध से पानी छोड़ने की मात्रा में बड़ा इजाफा किया गया है। जलस्तर को नियंत्रित रखने और बांध की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अब कुल 17 गेट खोल दिए गए हैं। शाम 7 बजे से इन गेटों को 2.38 मीटर ऊंचाई तक खोलकर 6121 क्यूमेक पानी नर्मदा नदी में छोड़ा जा रहा है।
बरगी बांध से डिस्चार्ज बढ़ने के कारण नर्मदा नदी के तटीय इलाकों और घाटों पर 6 से 7 फीट तक अतिरिक्त जलस्तर बढ़ने की आशंका जताई गई है। लोगों से नदी किनारे और घाटों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की गई है।
पहले 13 गेट खुले थे, अब 17 से छोड़ा जा रहा पानी
बांध नियंत्रण कक्ष से मिली जानकारी के अनुसार इससे पहले बरगी बांध के 13 गेट 1.88 मीटर तक खुले हुए थे। इनके माध्यम से करीब 3752 क्यूमेक पानी की निकासी की जा रही थी।
कैचमेंट क्षेत्र से लगातार पानी आने के बाद निकासी बढ़ाने का निर्णय लिया गया। इसके बाद शाम 7 बजे से चार और गेट खोलते हुए कुल 17 गेटों को 2.38 मीटर तक खोल दिया गया। अब बांध से नर्मदा में करीब 6121 क्यूमेक पानी छोड़ा जा रहा है।
| स्थिति | खुले गेट | ऊंचाई | डिस्चार्ज |
|---|---|---|---|
| पहले | 13 | 1.88 मीटर | 3752 क्यूमेक |
| अब | 17 | 2.38 मीटर | 6121 क्यूमेक |
नर्मदा में तेजी से बढ़ेगा बहाव, घाटों पर विशेष सतर्कता
बांध से पानी की निकासी में भारी बढ़ोतरी का असर नर्मदा नदी के बहाव और जलस्तर पर दिखाई देगा। जल संसाधन विभाग की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक नदी के तटीय क्षेत्रों में 6 से 7 फीट तक अतिरिक्त पानी बढ़ने की आशंका है।
इसे देखते हुए नदी किनारे रहने वाले लोगों, मछुआरों और घाटों पर जाने वाले नागरिकों को विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है। लोगों से नर्मदा के किनारे, घाटों और तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की गई है।
17 GATES OPEN
6121 क्यूमेक पानी की निकासी
नर्मदा तट और घाटों से दूर रहने की अपील
परिस्थिति के अनुसार फिर बदल सकती है गेटों की स्थिति
बाढ़ नियंत्रण से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक बांध में आने वाले पानी और जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। कैचमेंट एरिया से पानी की आवक के अनुसार गेटों की संख्या और जल निकासी की मात्रा को कम या ज्यादा किया जा सकता है।
यानी वर्तमान में 6121 क्यूमेक पानी छोड़े जाने के बावजूद आगे की स्थिति बारिश और बांध में पानी की आवक पर निर्भर करेगी। आवश्यकता पड़ने पर डिस्चार्ज में तत्काल बदलाव किया जा सकता है।
नदी किनारे जाने से बचें, प्रशासन की चेतावनी को गंभीरता से लें
बांध प्रबंधन ने आम नागरिकों से अपील की है कि बढ़े हुए जल प्रवाह के दौरान नर्मदा नदी के किनारे अनावश्यक रूप से न जाएं। घाटों, निचले तटीय क्षेत्रों और तेज बहाव वाले स्थानों पर विशेष सावधानी बरतें।
नर्मदा का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है। नदी में स्नान, मछली पकड़ने या पानी के करीब जाकर फोटो-वीडियो बनाने से बचें। तटीय क्षेत्र में मौजूद लोग प्रशासन और बांध नियंत्रण कक्ष से जारी नवीनतम सूचनाओं पर ध्यान दें।



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