Monday, 14 September 2026
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सरकारी साइकिल योजना में भ्रष्टाचार: जांच की धीमी रफ्तार पर हाईकोर्ट ने लगाई फटकार, EOW को 60 दिन की मोहलत

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इस खबर की मुख्य बातें

  • सरकारी साइकिल वितरण योजना में कथित भ्रष्टाचार की जांच में देरी पर हाईकोर्ट सख्त।
  • मामला रायसेन जिले में स्कूली छात्राओं को साइकिल खरीदने के लिए दी जाने वाली सरकारी राशि से जुड़ा है।
  • आरोप है कि योजना की राशि में गबन और दुरुपयोग किया गया।
  • जांच की अनुमति मिलने के बावजूद कार्रवाई में देरी पर EOW की कार्यप्रणाली पर कोर्ट ने सवाल उठाए।
  • EOW के DG उपेंद्र जैन व्यक्तिगत रूप से जबलपुर हाईकोर्ट में पेश हुए।
  • जांच में लापरवाही बरतने वाले संबंधित अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया गया।
  • EOW ने अगले 60 दिनों में जांच पूरी करने की बात अदालत के समक्ष रखी।
  • अब जांच पूरी होने के बाद कथित वित्तीय अनियमितताओं में जवाबदेही तय होने पर नजर रहेगी।

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रेवांचल टाइम्स | जबलपुर

हाईकोर्ट की सख्ती

सरकारी साइकिल योजना में भ्रष्टाचार: जांच की धीमी रफ्तार पर हाईकोर्ट ने लगाई फटकार, EOW को 60 दिन की मोहलत

रायसेन में छात्राओं की साइकिल राशि में कथित गबन का मामला; DG उपेंद्र जैन कोर्ट में पेश, लापरवाह जांच अधिकारी पर कार्रवाई का दिया भरोसा

जबलपुर।
मध्य प्रदेश की सरकारी साइकिल वितरण योजना में कथित भ्रष्टाचार से जुड़े मामले में जबलपुर हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। जांच में हो रही देरी पर नाराजगी जताते हुए अदालत ने आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और आगामी 60 दिनों के भीतर जांच पूरी करने के निर्देश दिए हैं।

रायसेन की साइकिल योजना में कथित गबन का मामला

यह मामला रायसेन जिले से जुड़ा है। आरोप है कि स्कूली छात्राओं को साइकिल खरीदने के लिए उपलब्ध कराई जाने वाली सरकारी राशि में बड़े पैमाने पर गबन और दुरुपयोग किया गया। वित्तीय अनियमितता की शिकायत सामने आने के बाद मामले की EOW से जांच की मांग की गई थी।


बड़ा सवाल


जांच की अनुमति मिलने के बावजूद लंबे समय तक ठोस कार्रवाई आगे नहीं बढ़ने पर मामला हाईकोर्ट पहुंचा।

EOW की धीमी जांच पर हाईकोर्ट नाराज

विभागीय स्तर से जांच की अनुमति मिलने के बावजूद EOW की ओर से लंबे समय तक ठोस कार्रवाई नहीं होने पर अदालत ने नाराजगी जताई। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सवाल किया कि जब सरकार से जांच की अनुमति पहले ही मिल चुकी है, तो फिर मामले की जांच में इतनी देरी क्यों हो रही है।


कोर्ट का फोकस:


अनुमति मिलने के बाद भी जांच आगे नहीं बढ़ने और प्रकरण के लंबे समय तक लंबित रहने पर अदालत ने जवाब मांगा।

EOW के DG उपेंद्र जैन हाईकोर्ट में हुए पेश

मामले की गंभीरता के बीच EOW के महानिदेशक उपेंद्र जैन व्यक्तिगत रूप से जबलपुर हाईकोर्ट में पेश हुए। उन्होंने अदालत के समक्ष अंडरटेकिंग देते हुए कहा कि प्रकरण में लापरवाही बरतने वाले संबंधित जांच अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

60 दिन
जांच पूरी करने का आश्वासन

EOW की ओर से अदालत को तय अवधि के भीतर मामले की जांच पूरी करने का भरोसा दिया गया।

लापरवाह जांच अधिकारी पर होगी अनुशासनात्मक कार्रवाई

DG ने अदालत को आश्वस्त किया कि मामले में जिस स्तर पर जांच में लापरवाही हुई है, उसकी जवाबदेही तय की जाएगी। संबंधित जांच अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की बात भी अदालत के समक्ष कही गई।


अब 60 दिनों की समयसीमा पर नजर

हाईकोर्ट की सख्ती के बाद अब निगाहें EOW की जांच पर रहेंगी। तय समय में जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि सरकारी साइकिल योजना की राशि में कथित अनियमितता के लिए किन लोगों की जवाबदेही तय होती है।

| जबलपुर

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लेखक / डेस्क

skdunia