सच की दुनिया | जबलपुर
होटल ग्रैंड रेजिडेंसी में शंट लगाकर बिजली चोरी पकड़ी, कनेक्शन काटा
मीटर में बाहरी शंट लगाकर रीडिंग धीमी करने का आरोप; विद्युत विभाग ने बनाया 10 लाख रुपये की अंतरिम बिलिंग का पंचनामा, मीटर और कथित शंट जब्त
जबलपुर।
विजयनगर संभाग के एकता नगर फीडर क्षेत्र में संचालित होटल ग्रैंड रेजिडेंसी में विद्युत विभाग की जांच के दौरान कथित बिजली चोरी का मामला सामने आया है। विभागीय जांच दल के मुताबिक मीटर में बाहरी शंट लगाकर उसकी रीडिंग को प्रभावित किया जा रहा था। कार्रवाई के बाद बिजली कनेक्शन काट दिया गया और लगभग 10 लाख रुपये की अंतरिम बिलिंग का पंचनामा तैयार किया गया।
जांच टीम पहुंची तो सामने आई मीटर में कथित छेड़छाड़
कार्रवाई के लिए प्रबंधक आईटी अमित सिंह, कनिष्ठ अभियंता भरत भानेश तथा लाइन स्टाफ दिनेश श्रीवास्तव और महेंद्र दुबे की संयुक्त टीम होटल परिसर पहुंची थी।
विभागीय जांच के अनुसार होटल में इस्तेमाल हो रहे भारी विद्युत उपकरणों और मीटर में दर्ज खपत के बीच बड़ा अंतर नजर आया। इसके बाद मीटर और विद्युत कनेक्शन की तकनीकी जांच की गई।
मीटर में मिला कथित बाहरी शंट, रीडिंग प्रभावित करने का आरोप
जांच दल के मुताबिक मीटर के इनकमिंग और आउटगोइंग हिस्से के समानांतर एक तार लगाया गया था। विभाग का आरोप है कि इस व्यवस्था के जरिए बिजली के वास्तविक इस्तेमाल का पूरा लोड मीटर में दर्ज नहीं हो रहा था।
भारी लोड, लेकिन मीटर में कम खपत
जांच में होटल परिसर में सेंट्रलाइज्ड एयर कंडीशनिंग, लिफ्ट और बड़े रसोई उपकरणों के इस्तेमाल की तुलना में मीटर पर दर्ज बिजली खपत कम मिलने की बात कही गई है।
मौके पर वीडियोग्राफी, मीटर और शंट जब्त
विभागीय अमले ने जांच और मीटर की स्थिति की तकनीकी वीडियोग्राफी भी कराई। पंचनामे की कार्रवाई पूरी होने के बाद मीटर और उसमें कथित तौर पर लगाए गए शंट को जब्त करने की कार्रवाई की गई।
विद्युत अधिनियम की धारा 135 के तहत प्रकरण
विभाग ने मामले में विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 135 के तहत प्रकरण बनाए जाने की बात कही है। यह धारा बिजली चोरी से संबंधित मामलों में लागू होती है।
₹10 लाख की अंतरिम बिलिंग, मुख्य केबल काटी
विभागीय अधिकारियों के अनुसार पूर्व अवधि की औसत खपत, स्वीकृत विद्युत भार और परिसर में लगे उपकरणों के उपयोग के आधार पर लगभग 10 लाख रुपये की अंतरिम बिलिंग तैयार की गई है।
जांच पूरी होने के बाद मुख्य सर्विस केबल काटकर होटल की विद्युत आपूर्ति रोक दी गई। विभाग का कहना है कि निर्धारित प्रक्रिया और देय राशि के निपटारे के बाद ही आगे कनेक्शन बहाली पर कार्रवाई की जाएगी।
अब दूसरे बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर भी नजर
इस कार्रवाई के बाद विजयनगर क्षेत्र के अन्य बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की बिजली खपत के आंकड़ों की भी जांच किए जाने की बात सामने आई है। ऐसे परिसरों को चिह्नित किया जा सकता है, जहां स्वीकृत लोड और उपकरणों के इस्तेमाल की तुलना में बिजली बिल असामान्य रूप से कम दिखाई दे रहा है।
रात में भी हो सकती है औचक जांच
संदिग्ध खपत वाले व्यावसायिक परिसरों में औचक निरीक्षण के दौरान मीटर सील, टर्मिनल प्लेट, सर्विस केबल और वास्तविक विद्युत भार की जांच की जा सकती है।
प्रतिष्ठान का पक्ष
समाचार में बिजली चोरी और मीटर से छेड़छाड़ संबंधी तथ्य विभागीय जांच और कार्रवाई के आधार पर दिए गए हैं। होटल प्रबंधन का पक्ष उपलब्ध होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
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