रायसेन में डबल डेथ से सनसनी, खेत में मिली महिला की लाश, अगले दिन पेड़ से लटका मिला युवक
प्रारंभिक जांच में हत्या के बाद आत्महत्या की आशंका, पुलिस हर एंगल से कर रही जांच
रायसेन। जिले की गैरतगंज तहसील के पिपलिया अमरसिंह गांव में हुई दोहरी मौत की घटना ने पूरे इलाके को सकते में डाल दिया है। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि एक युवक ने अपनी भाभी की कथित रूप से पत्थर से हत्या करने के बाद खुद पेड़ से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
बेगमगंज गई महिला, शाम होते ही टूट गया संपर्क
जानकारी के अनुसार, भुजबल अहिरवार की पत्नी सुनीता अहिरवार (25) गुरुवार सुबह अपने देवर मन्नू अहिरवार (28) के साथ बाइक से बेगमगंज गई थीं। शाम करीब 6 बजे के बाद उनका मोबाइल बंद हो गया, जिससे परिजनों की चिंता बढ़ गई।
खेत में मिला शव, सिर पर मिले गंभीर चोट के निशान
परिजनों ने तलाश शुरू की तो गांव से लगभग 500 मीटर दूर खेत में बाइक खड़ी मिली। पास ही सुनीता का शव पड़ा था। पुलिस को प्रारंभिक जांच में महिला के सिर पर किसी भारी वस्तु से वार किए जाने के संकेत मिले हैं।
अगले दिन पेड़ से लटका मिला युवक
शुक्रवार सुबह घटनास्थल से कुछ दूरी पर एक पेड़ से मन्नू अहिरवार का शव फंदे पर लटका मिला। पुलिस प्रारंभिक तौर पर हत्या के बाद आत्महत्या की आशंका जता रही है। हालांकि सभी पहलुओं की जांच जारी है।
तीन मासूम बच्चों के सिर से उठा मां का साया
मृतका सुनीता अपने पीछे तीन छोटे बच्चों को छोड़ गई हैं। वहीं मन्नू अविवाहित था। इस घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।
चार साल पहले भी इसी पेड़ से हुई थी आत्महत्या
ग्रामीणों के अनुसार, जिस पेड़ पर मन्नू का शव मिला, उसी पेड़ से करीब चार वर्ष पहले उसके एक अन्य भाई ने भी आत्महत्या की थी। एक ही परिवार में दोबारा हुई इस घटना ने पूरे गांव को झकझोर दिया है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और एफएसएल जांच का इंतजार
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, एफएसएल जांच और परिजनों के बयान के आधार पर पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया जाएगा। फिलहाल किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी संभावित पहलुओं की गहन जांच की जा रही है।
पुलिस की अपील
यह मामला अभी जांच के अधीन है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की अपुष्ट जानकारी या अफवाह साझा न करें और जांच पूरी होने तक आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा रखें।
