जबलपुर में करोड़ों की ठगी का आरोप: फिजियोथैरेपी सेंटर संचालक समेत तीन पर निवेशकों की रकम हड़पने का आरोप
जबलपुर। विजयनगर क्षेत्र में फिजियोथैरेपी सेंटर संचालित करने वाले अरविंद सोनी पर अपने सहयोगियों राजनंदन पटेल और संदीप बर्मन के साथ मिलकर प्रतिबंधित कंपनी "बोट ब्रो" के माध्यम से लोगों से लाखों रुपये की ठगी करने का आरोप लगा है। पीड़ितों का आरोप है कि आरोपियों ने रातों-रात अमीर बनने का सपना दिखाकर सगे-संबंधियों, मित्रों और पड़ोसियों से ऑनलाइन एवं नगद राशि निवेश करवाई और बाद में रकम लौटाने से इंकार कर दिया।
फिजियोथैरेपी सेंटर से बनाया भरोसे का नेटवर्क
मुख्य आरोपी अरविंद सोनी ने अपने फिजियोथैरेपी सेंटर पर आने वाले मरीजों और परिचितों को पहले विश्वास में लिया। इसके बाद राजनंदन पटेल और संदीप बर्मन के साथ मिलकर उन्हें "बोट ब्रो" नामक अवैध निवेश योजना में पैसा लगाने के लिए प्रेरित किया। आरोप है कि निवेशकों को भारी मुनाफे का लालच देकर उनकी जीवनभर की जमा-पूंजी इस स्कीम में लगवा दी गई।
ज्यादातर रकम नगद लेकर सबूत मिटाने की कोशिश
पीड़ितों का कहना है कि आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से अधिकांश निवेश राशि नगद में ली, ताकि भविष्य में कानूनी कार्रवाई होने पर उनके खिलाफ ठोस दस्तावेजी सबूत न मिल सकें। शुरुआत में बड़े रिटर्न का भरोसा देकर लोगों को निवेश के लिए तैयार किया गया।
राशि लौटाने का समय आया तो बंद बताई कंपनी
जब निवेशकों को उनकी रकम वापस करने का समय आया तो आरोपियों ने अचानक हाथ खड़े कर दिए। पीड़ितों को बताया गया कि कंपनी बंद हो चुकी है और अब राशि लौटाना संभव नहीं है। इसके बाद निवेशकों को अपनी रकम डूबने का एहसास हुआ और उन्होंने आरोपियों से संपर्क किया, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
पीड़ित पहुंचे एसपी कार्यालय, जांच के आदेश
फरियादी दशरथ राय और नितिन चौकसे के नेतृत्व में पीड़ितों का एक दल पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचा और लिखित शिकायत सौंपकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए एडिशनल एसपी सूर्यकांत शर्मा ने विजयनगर थाना पुलिस को मामले की गहन जांच करने और आरोपियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
आरोपी ने शेयर मार्केट घाटे का दिया हवाला
वहीं आरोपी राजनंदन पटेल इस पूरे मामले को शेयर मार्केट में हुए नुकसान और स्वैच्छिक निवेश का मामला बताकर स्वयं को बचाने का प्रयास कर रहा है। हालांकि पीड़ितों का दावा है कि उन्हें सुनियोजित तरीके से गुमराह कर निवेश कराया गया और अब उनकी मेहनत की कमाई वापस नहीं मिल रही है।
बोट ब्रो निवेश घोटाले का मामला गरमाया, पीड़ितों ने की आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग
