फर्जी क्राइम ब्रांच अधिकारी बनकर करोड़ों की ठगी की साजिश, गिरोह का चौथा आरोपी गिरफ्तार

 फर्जी क्राइम ब्रांच अधिकारी बनकर लूटपाट करने वाले गिरोह का चौथा आरोपी गिरफ्तार

इंदौर क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई, क्रिप्टो ट्रेडिंग कारोबारी से ठगे थे 5 लाख से अधिक रुपये

इंदौर। खुद को क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताकर लोगों को डराने-धमकाने और लूटपाट करने वाले गिरोह के फरार चौथे आरोपी को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले इस मामले में तीन आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके थे। चौथे आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब पूरे गिरोह की गतिविधियों और अन्य संभावित वारदातों की गहन जांच कर रही है।

 शिकायत के बाद खुला फर्जी अधिकारियों का खेल

क्राइम ब्रांच को द्वारिकापुरी निवासी स्नेह परमार द्वारा शिकायत दी गई थी कि कुछ लोग खुद को क्राइम ब्रांच अधिकारी बताकर उसके घर पहुंचे। आरोपियों ने जबरन घर में घुसकर उसके और उसके पिता के साथ मारपीट की। इसके बाद दोनों को एक वाहन में बैठाकर लसूडिया क्षेत्र की ओर ले जाया गया।

फरियादी के अनुसार रास्ते भर आरोपियों ने उसे ऑनलाइन फ्रॉड में शामिल होने का आरोप लगाते हुए जेल भेजने की धमकी दी। सुनसान इलाके में ले जाकर उसके साथ मारपीट की गई और दबाव बनाकर उसके मोबाइल से क्रिप्टो ट्रेडिंग अकाउंट के माध्यम से 5773 USDT अन्य खातों में ट्रांसफर करवा लिए गए।

 ठगी गई रकम: करीब 5 लाख रुपये से अधिक
 मोबाइल फोन: आरोपियों ने अपने कब्जे में ले लिया था।

 वारदात के बाद भी जारी थी उगाही

पीड़ित ने पुलिस को बताया कि घटना के बाद आरोपी लगातार उससे और पैसों की मांग कर रहे थे। परेशान होकर उसने पूरे मामले की शिकायत क्राइम ब्रांच से की। शिकायत मिलते ही पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की और तीन आरोपियों दीपक तिवारी, नीरज तिवारी और अमन लखिया को गिरफ्तार कर लिया। साथ ही उनसे जुड़े कुछ बैंक खातों को भी फ्रीज कराया गया।

 सागर से दबोचा गया फरार आरोपी

घटना के बाद से चौथा आरोपी नितिन लोधी फरार चल रहा था। पुलिस को सूचना मिली कि वह सागर जिले के सदर बाजार क्षेत्र में छिपा हुआ है। इसके बाद क्राइम ब्रांच की टीम ने दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया।

 क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई

  • गिरोह का चौथा सदस्य गिरफ्तार
  • फर्जी अधिकारी बनकर की थी लूटपाट
  • क्रिप्टो ट्रेडिंग कारोबारी को बनाया था निशाना
  • पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया अपराध

 पहले से बना रहे थे शिकार को निशाना

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया है कि वे कई दिनों से फरियादी की गतिविधियों पर नजर रखे हुए थे। उन्हें स्नेह परमार के क्रिप्टो ट्रेडिंग कारोबार और उससे होने वाले मुनाफे की जानकारी थी। इसी जानकारी के आधार पर उन्होंने बड़ी रकम वसूलने की साजिश रची और खुद को क्राइम ब्रांच अधिकारी बताकर वारदात को अंजाम दिया।

 अन्य मामलों की भी होगी जांच

डीसीपी क्राइम राजेश त्रिपाठी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी से पुलिस रिमांड पर पूछताछ की जाएगी। उसके ठिकानों की तलाशी भी ली जाएगी। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी और उसके साथियों ने इसी तरह की अन्य घटनाओं को भी अंजाम दिया है या नहीं।रिपोर्ट:वशेष समाचार

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