डी-पार्क मार्केट में भीषण अग्निकांड: 10 दुकानें जलकर खाक, 3 लोगों की दर्दनाक मौत, 7 जिलों की फायर ब्रिगेड ने पाया काबू
पहली मंजिल पर लगी आग, एसी ब्लास्ट के बाद मची तबाही
दोपहर करीब पौने दो बजे एक जूते के शोरूम से धुआं उठता दिखाई दिया। कर्मचारियों ने नुकसान कम करने के लिए बाहर रखे बोरे और कार्टून हटाने शुरू किए। इसी दौरान पहली मंजिल पर लगे एसी में तेज धमाका हुआ और आग ने अचानक विकराल रूप ले लिया। कुछ ही क्षणों में पूरा शोरूम आग की चपेट में आ गया।
5 घंटे तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन
आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते 10 दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। दुकानों में काम कर रहे तीन कर्मचारी अंदर ही फंस गए। सूचना मिलते ही दोपहर 2 बजकर 26 मिनट पर दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। आग की गंभीरता को देखते हुए सात जिलों से फायर ब्रिगेड की गाड़ियां बुलाई गईं।
एनडीआरएफ की टीम ने भी मोर्चा संभाला। आग बुझाने के लिए कई दुकानों की पिछली दीवारें तक तोड़नी पड़ीं। करीब पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।
मालिक के बेटे समेत 3 लोगों की मौत
देर शाम एनडीआरएफ ने मलबे से तीन शव बरामद किए। मृतकों की पहचान सौरभ उर्फ रोहित (19), अमन (38) और कपिल (50) के रूप में हुई।
सबसे दर्दनाक पहलू यह रहा कि जूते के शोरूम मालिक का बेटा सौरभ भी आग में फंस गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पिता अपने बेटे को बचाने के लिए लगातार गुहार लगाते रहे, लेकिन उसे बाहर नहीं निकाला जा सका।
फायर ब्रिगेड की देरी पर उठे सवाल
प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि शुरुआती सूचना मिलने के बावजूद मौके पर पहले केवल एक दमकल वाहन पहुंचा। प्रशासनिक अधिकारी तो जल्द पहुंच गए, लेकिन अतिरिक्त फायर ब्रिगेड को पहुंचने में समय लगा। इसी दौरान आग लगातार फैलती रही और भारी नुकसान हो गया।
व्यापारियों का कहना है कि रोहतक के इतिहास में इतनी बड़ी आग की घटना पहले कभी नहीं देखी गई। कई दुकानदारों की वर्षों की पूंजी कुछ ही घंटों में राख में बदल गई।
सांसद और मुख्यमंत्री ने किया मुआवजे का ऐलान
लोकसभा सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि फायर ब्रिगेड के देरी से पहुंचने की जांच कराई जाएगी और प्रभावित दुकानदारों को हर संभव सहायता दिलाई जाएगी।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि तथा घायलों को 2-2 लाख रुपये की वित्तीय सहायता देने की घोषणा की है। साथ ही सभी घायलों का सरकारी अस्पतालों में निशुल्क इलाज कराया जाएगा।
एक चिंगारी ने उजाड़ दी पूरी मार्केट
डी-पार्क मार्केट का यह अग्निकांड केवल एक हादसा नहीं, बल्कि सुरक्षा व्यवस्थाओं और आपदा प्रबंधन की तैयारियों पर भी गंभीर सवाल खड़े कर गया है।
