राजधानी एक्सप्रेस अग्निकांड के बाद रेलवे अलर्ट, जीएम ऑफिस में होगी स्टाफ से पूछताछ
जबलपुर। पश्चिम मध्य रेल के कोटा रेल मंडल अंतर्गत लूनी रिकरिच्छा रेलवे स्टेशन पर राजधानी एक्सप्रेस के कोच में लगी आग की घटना के बाद रेलवे प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रभावित ट्रेन के बड़ोदरा और दिल्ली स्टाफ को जांच के लिए जीएम ऑफिस बुलाया गया है, जहां वरिष्ठ अधिकारी घटना के समय ड्यूटी पर मौजूद कर्मचारियों के बयान दर्ज करेंगे।
आग लगने के कारणों की गहन जांच
रेलवे सूत्रों के अनुसार आग लगने की वजह जानने के लिए विशेषज्ञों की टीम गठित की गई है। प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट, इलेक्ट्रिकल फॉल्ट अथवा किसी ज्वलनशील सामग्री की संभावना पर विशेष फोकस किया जा रहा है। हालांकि रेलवे अधिकारी फिलहाल किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचने से बच रहे हैं।
घटना के दौरान यात्रियों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया था, लेकिन रेलवे कर्मचारियों और सुरक्षा दल की तत्परता से समय रहते आग पर काबू पा लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
उच्चस्तरीय जांच समिति ने किया निरीक्षण
प्रमुख मुख्य सुरक्षा अधिकारी मनोज गुरुमुखी के नेतृत्व में गठित 6 सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच समिति ने घटनास्थल और जले हुए कोच का विस्तृत निरीक्षण किया। यह समिति पश्चिम मध्य रेलवे के महाप्रबंधक दिलीप कुमार सिंह द्वारा गठित की गई है।
समिति ने कोच की तकनीकी स्थिति, अग्निकांड के कारणों और सुरक्षा मानकों से जुड़े हर पहलू की बारीकी से जांच की। साथ ही घटना से जुड़े कर्मचारियों के बयान भी दर्ज किए गए।
समिति में शामिल रहे ये वरिष्ठ अधिकारी
- मनोज गुरुमुखी – प्रमुख मुख्य सुरक्षा अधिकारी
- मुकेश – प्रधान मुख्य विद्युत अभियंता
- एम. विजय कुमार – प्रधान मुख्य यांत्रिक अभियंता
- एन. एस. प्रसाद – प्रधान मुख्य यांत्रिक अभियंता (आईसीएफ)
- महेन्द्र सिंह – कार्यकारी निदेशक (पीएस एवं ईएमयू/आरडीएसओ)
- राजीव कुमार – प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त
रेलवे सुरक्षा पर उठे सवाल
घटना के बाद पश्चिम मध्य रेल में कोचों की फिटनेस और सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठने लगे हैं। रेलवे बोर्ड तक विस्तृत रिपोर्ट भेजने की तैयारी की जा रही है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
