🚨 पूर्व तहसीलदार विवेक त्रिपाठी गिरफ्तार 🚨
जमीन नामांतरण घोटाले और ‘सुकून होटल कांड’ के बाद क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई
जबलपुर। मध्यप्रदेश के जबलपुर से एक बड़ी प्रशासनिक और आपराधिक खबर सामने आई है। लंबे समय से विवादों और गंभीर आरोपों से घिरे पूर्व तहसीलदार विवेक त्रिपाठी को आखिरकार क्राइम ब्रांच की स्पेशल टीम ने बरेला थाना क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया है।
🏠 बरेला में छिपे होने की मिली थी सूचना
पुलिस को मुखबिर से बेहद गोपनीय और सटीक सूचना मिली थी कि पूर्व तहसीलदार विवेक त्रिपाठी बरेला इलाके में छिपे हुए हैं। सूचना मिलते ही क्राइम ब्रांच की स्पेशल टीम ने इलाके की घेराबंदी कर उन्हें हिरासत में ले लिया। गिरफ्तारी के बाद जिले के प्रशासनिक और राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया है।📑 जमीन नामांतरण में गड़बड़ी के आरोप
पूर्व तहसीलदार विवेक त्रिपाठी पर आरोप है कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान जमीन नामांतरण (म्यूटेशन) मामलों में बड़े पैमाने पर नियमों की अनदेखी की। बताया जा रहा है कि भू-माफियाओं और रसूखदार लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए कई मामलों में मनमाने फैसले लिए गए थे।🏨 ‘सुकून होटल कांड’ के बाद बढ़ीं मुश्किलें
शहर के चर्चित ‘सुकून होटल प्रकरण’ में नाम सामने आने के बाद विवेक त्रिपाठी की मुश्किलें और बढ़ गई थीं। जांच एजेंसियों ने उनके पुराने जमीन और राजस्व संबंधी मामलों की फाइलों की दोबारा जांच शुरू कर दी थी। कई संवेदनशील मामलों में दिखाई गई कथित जल्दबाजी ने पुलिस के संदेह को और मजबूत कर दिया।👮 पुराने मामलों को लेकर भी पूछताछ
गिरफ्तारी के बाद विवेक त्रिपाठी को थाने लाकर वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में पूछताछ की जा रही है। पुलिस केवल वर्तमान मामलों ही नहीं, बल्कि शहर के अलग-अलग थानों में दर्ज पुराने मुकदमों, शिकायतों और विभागीय जांचों को लेकर भी उनसे सवाल-जवाब कर रही है।⚠️ कई और बड़े खुलासों के संकेत
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ और दस्तावेजों की जांच के दौरान यदि किसी अन्य जमीन घोटाले या नए मामलों में संलिप्तता के सबूत मिलते हैं, तो उन्हें भी केस में जोड़ा जाएगा। सूत्रों के अनुसार रिमांड के दौरान राजस्व विभाग के कुछ अन्य बड़े नामों और बिचौलियों का भी खुलासा हो सकता है।
🔥 “बरेला से दबोचे गए पूर्व तहसीलदार… अब खुल सकते हैं कई बड़े राज” 🔥
