🚨 खुले आसमान के नीचे हुआ पोस्टमार्टम, हमीदिया अस्पताल का VIDEO देख दहल उठे लोग
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल हमीदिया अस्पताल से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक शव का पोस्टमार्टम मॉर्च्युरी के भीतर नहीं बल्कि खुले आसमान के नीचे लोगों की मौजूदगी में कर दिया गया। इस पूरी घटना का वीडियो सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
🎥 लोगों के सामने शुरू कर दी शव की चीर-फाड़
जानकारी के अनुसार गुरुवार सुबह मॉर्च्युरी के बाहर एक स्ट्रेचर पर शव रखा हुआ था। पास में केवल एक तरफ काला पर्दा लगाया गया था।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही एक कर्मचारी ने शव के सिर को औजारों की मदद से खोलना शुरू कर दिया। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद लोग सिहर उठे और कई लोगों ने दूर से वीडियो भी रिकॉर्ड कर लिया।
🏥 पोस्टमार्टम चलता रहा, लोग आते-जाते रहे
हैरानी की बात यह रही कि जहां पोस्टमार्टम की प्रक्रिया चल रही थी, वहां से कुछ ही दूरी पर लोगों की सामान्य आवाजाही जारी रही।
एक तरफ डॉक्टर पोस्टमार्टम में व्यस्त थे, वहीं दूसरी ओर राहगीर और अस्पताल आने-जाने वाले लोग यह पूरा घटनाक्रम देखते रहे। कुछ देर बाद शव से उठ रही दुर्गंध के कारण लोग वहां से दूर हटने लगे।
⚠️ लावारिस शव होने की जानकारी
सूत्रों के मुताबिक जिस शव का पोस्टमार्टम किया गया, उसे भोपाल के बजरिया क्षेत्र से लाया गया था। शव लावारिस बताया जा रहा है और संभवतः वह डीकंपोज होना शुरू हो चुका था।
शव वाहन से उतारने के बाद उसे मॉर्च्युरी के बाहर ही स्ट्रेचर पर रख दिया गया और वहीं पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कर दी गई।
📜 क्या कहते हैं नियम?
मेडिकल साइंस और पोस्टमार्टम प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश मौजूद हैं। विशेषज्ञों के अनुसार किसी भी परिस्थिति में खुले स्थान या आम लोगों की आवाजाही वाले क्षेत्र में पोस्टमार्टम नहीं किया जा सकता।
नियमों के तहत पोस्टमार्टम निर्धारित मॉर्च्युरी कक्ष में ही किया जाना चाहिए। खुले क्षेत्र में अधिकतम शव की साफ-सफाई जैसी सीमित प्रक्रिया ही की जा सकती है।
🔥 बड़ा सवाल
अगर प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में पोस्टमार्टम जैसी संवेदनशील प्रक्रिया खुले आसमान के नीचे हो सकती है, तो स्वास्थ्य व्यवस्था के मानकों और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही पर सवाल उठना लाजिमी है।
