गोसलपुर बायो फ्यूल प्लांट में आग का तांडव! करोड़ों का सामान खाक, पेट्रोल पंप तक पहुंचा खतरा

🔥 गोसलपुर बायो फ्यूल प्लांट में भीषण आग 🔥

नरवाई के गट्टों में लगी आग ने लिया विकराल रूप, करोड़ों का नुकसान

जबलपुर। गोसलपुर स्थित ईको हार्वेस्ट बायो फ्यूल्स प्लांट में शुक्रवार शाम अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरे प्लांट को अपनी चपेट में ले लिया और इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घटना के वीडियो सामने आने के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई।



🚨 तेज हवा बनी आग की सबसे बड़ी वजह

बताया गया है कि संध्या राय और ममता जैन के इस प्लांट में गेहूं की नरवाई से रोल गट्टे तैयार किए जाते हैं। परिसर में बड़ी मात्रा में नरवाई के गठ्ठे खुले में रखे हुए थे, जिनमें अचानक आग लग गई। तेज हवा के चलते आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप धारण कर लिया और करोड़ों रुपए का सामान जलकर राख हो गया।

⛽ पेट्रोल पंप और गैस गोदाम के पास मचा हड़कंप

स्थानीय लोगों के मुताबिक जिस जगह प्लांट स्थित है, उसके बेहद करीब पेट्रोल पंप और गैस गोदाम भी मौजूद हैं। लोगों का कहना है कि यदि आग कुछ मीटर और फैल जाती, तो बड़ा विस्फोट और भयावह हादसा हो सकता था।

सूचना मिलते ही कटनी, जबलपुर, सिहोरा, पनागर और मझौली से दमकल विभाग की गाड़ियां और पानी के टैंकर मौके पर पहुंचे। दमकलकर्मियों ने कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाने की कोशिश की। देर रात तक पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर डटी रही।

⚠️ सुरक्षा इंतजामों की खुली पोल

घटना के बाद प्लांट प्रबंधन की गंभीर लापरवाही भी सामने आई है। स्थानीय लोगों के अनुसार प्लांट के चारों ओर 10 फीट ऊंची बाउंड्रीवॉल और उसके ऊपर इरिगेशन ड्रिप सिस्टम होना चाहिए था, लेकिन मौके पर ऐसी कोई व्यवस्था नहीं मिली।

सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि जहां नरवाई के गठ्ठे रखे गए थे, उसके ऊपर से हाई वोल्टेज विद्युत केबल लाइन गुजर रही थी। इसे सुरक्षा नियमों की गंभीर अनदेखी माना जा रहा है।

🔥 आग बुझाने के इंतजाम भी नहीं थे!

जानकारी के अनुसार प्लांट में आग से निपटने के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। मौके पर न तो रेत से भरी बाल्टियां थीं और न ही कोई वाटर कैनन सिस्टम उपलब्ध था। बताया जा रहा है कि प्लांट में कोई साइट इंजीनियर भी तैनात नहीं था और अप्रशिक्षित कर्मचारियों से काम कराया जा रहा था।

आग धीरे-धीरे वेयरहाउस तक पहुंच गई, जहां मशीनों से तैयार किए गए प्लेट्स भी जलकर खाक हो गए। इससे प्लांट की मशीनों को भी भारी नुकसान पहुंचा है।

👮 प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा

घटना की सूचना मिलते ही सिहोरा एसडीएम ज्योति परस्ते, तहसीलदार रूपेश्वरी कुंजाम, एसडीओपी आदित्य सिंघारिया, टीआई गाजीवती कोसाम और नायब तहसीलदार जयभान सिंह उइके मौके पर पहुंचे और पंचनामा कार्रवाई शुरू की।

📰 बड़ा सवाल...

क्या करोड़ों के प्लांट में सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर लोगों की जिंदगी खतरे में डाली जा रही थी? अगर आग पेट्रोल पंप या गैस गोदाम तक पहुंच जाती, तो क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा था?

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