भोपाल में नशीले कफ सिरप का बड़ा भंडाफोड़
STF ने 75 हजार बोतलें कीं जब्त, डेढ़ करोड़ रुपये का अवैध कारोबार उजागर
राजधानी में नशीले सिरप के नेटवर्क पर STF की बड़ी कार्रवाई
भोपाल में नशीले कफ सिरप के बड़े अवैध कारोबार का खुलासा हुआ है। विशेष कार्यबल (STF) ने गांधीनगर क्षेत्र में छापेमारी कर करीब 75 हजार बोतल नशीले कफ सिरप जब्त किए हैं। जब्त माल की कीमत लगभग डेढ़ करोड़ रुपये आंकी गई है। प्रारंभिक जांच में इस अवैध नेटवर्क के तार मुबारकपुर क्षेत्र तक जुड़े होने की जानकारी सामने आई है।
जांच एजेंसियों के अनुसार आरोपी लंबे समय से संगठित तरीके से इस कारोबार को संचालित कर रहे थे और पुलिस की नजरों से बचने के लिए अलग-अलग स्तर पर काम कर रहे थे।
रेपर बदलकर बाजार में बेचा जाता था सिरप
एसटीएफ की पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी असली रेपर हटाकर नए रेपर लगाते थे और उसके बाद नशीले कफ सिरप को बाजार में सप्लाई करते थे। जांच में यह भी पता चला है कि पूरे नेटवर्क को कई टीमों में बांटकर संचालित किया जा रहा था ताकि किसी एक व्यक्ति तक पूरी जानकारी न पहुंचे।
अधिकारियों का मानना है कि यह नेटवर्क काफी समय से सक्रिय था और इसके जरिए बड़े पैमाने पर अवैध कारोबार किया जा रहा था।
नाबालिगों का भी किया जा रहा था इस्तेमाल
जांच एजेंसियों के मुताबिक इस अवैध कारोबार में तीन नाबालिगों को भी लगाया गया था। उनसे कफ सिरप की पैकेजिंग और अन्य सहायक कार्य कराए जाते थे।
मामले में अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि दो आरोपी अभी भी फरार बताए जा रहे हैं। उनकी तलाश के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
मुबारकपुर में STF का सर्च ऑपरेशन जारी
गिरफ्तार आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर एसटीएफ की टीमें मुबारकपुर क्षेत्र में संभावित ठिकानों पर लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। अधिकारियों को आशंका है कि वहां भी भारी मात्रा में अवैध स्टॉक छिपाकर रखा गया हो सकता है।
जांच के दौरान कई अन्य संदिग्ध स्थानों को भी चिन्हित किया गया है, जहां आने वाले दिनों में कार्रवाई की जा सकती है।
पूरे सप्लाई नेटवर्क की पड़ताल
एसटीएफ अब यह पता लगाने में जुटी है कि नशीला कफ सिरप कहां से लाया जाता था, किन क्षेत्रों में इसकी सप्लाई की जाती थी और इस अवैध कारोबार के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।
जांच एजेंसियों का कहना है कि मामले की तह तक पहुंचने के लिए वित्तीय लेन-देन, मोबाइल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
