MP: 19 साल की उम्र, 6 राज्यों में दबदबा, 100 से ज्यादा चोरियों के बाद थाने पहुंची लड़की ने कहा- 'साहब, अब सजा दे दो'




मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के तीन गांव कड़िया सांसी, हुलखेड़ी और गुलखेड़ी लंबे समय से देशभर की पुलिस के रडार पर रहे हैं। ये गांव अपराध की दुनिया में कुख्यात हैं, जहां चोरी, लूट और डकैती की 'ट्रेनिंग' का गढ़ माना जाता है। देश के कोने-कोने से पुलिस टीमें यहां आरोपियों की तलाश में दस्तक देती रहती हैं। लेकिन अब इन गांवों की तस्वीर बदलती दिख रही है, और इस बदलाव की मिसाल बनी है 19 साल की आशा (परिवर्तित नाम), जिसने महज छह साल की उम्र से चोरी शुरू की और छह राज्यों में 100 से ज्यादा वारदातों को अंजाम दिया। 


आशा की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं। उसका दबदबा इस कदर था कि पुलिस भी उसके नाम से वाकिफ थी। लेकिन एक दिन वह खुद थाने पहुंची और बोली, "साहब, अब सजा दे दो। मैं अपराध की दुनिया छोड़ना चाहती हूं।" आखिर यह हृदय परिवर्तन हुआ कैसे? इसके पीछे है राजगढ़ के युवा पुलिस अधीक्षक (SP) आदित्य मिश्रा की अनूठी पहल। 


SP मिश्रा ने पारंपरिक पुलिसिया तरीकों से हटकर एक नया रास्ता चुना। उन्होंने गांव वालों को अपराध छोड़ने के लिए प्रेरित करने के लिए हनुमान जी और रावण जैसे पौराणिक चरित्रों का सहारा लिया। उनकी यह समझाइश रंग लाई। हाल ही में 25 लोग अपराध की दुनिया को अलविदा कहकर मुख्यधारा में शामिल हुए हैं। आशा भी अब नई जिंदगी की राह पर है, सपने बुन रही है और समाज का हिस्सा बनने को तैयार है। 


यह कहानी न सिर्फ एक लड़की के बदलाव की है, बल्कि उन गांवों की भी है, जो अब अपराध की पहचान से बाहर निकलकर नई उम्मीदों की ओर बढ़ रहे हैं। SP मिश्रा जैसे अधिकारियों की पहल इस बात का सबूत है कि सही दिशा और संवेदनशीलता से बदलाव की शुरुआत हो सकती है।

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