मां के अंधविश्वास की जंजीरों में बंधा बेटा: 7 साल तक मानसिक संतुलन ठीक होने की आस में बांधे रखा, एनजीओ ने मुक्त कर अस्पताल पहुंचाया



 मध्य प्रदेश के इंदौर के खजराना थाना क्षेत्र से मानवता को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक मां ने अपने मानसिक रूप से अस्वस्थ बेटे को धार्मिक स्थल की दीवार से जंजीरों में बांधकर 7 साल तक कैद रखा। 30 वर्षीय जैद को, जो कभी बड़ा संगीतकार बनने का सपना देखता था, उसकी मां ने अंधविश्वास और सामाजिक दबाव के चलते जंजीरों में कैद कर दिया।

कैसे सामने आया मामला?

इस घटना का खुलासा तब हुआ, जब एक एनजीओ की संचालिका, रुपाली जैन, को सूचना मिली कि खजराना क्षेत्र में एक धार्मिक स्थल पर एक युवक को वर्षों से जंजीरों में बांधकर रखा गया है। एनजीओ ने तुरंत खजराना पुलिस को सूचित किया और टीम मौके पर पहुंची। वहां देखा गया कि जैद को जंजीरों से बांधकर दीवार के सहारे रखा गया था।

मां की मजबूरी या अंधविश्वास?

जांच में सामने आया कि जैद 9 साल की उम्र तक सामान्य जीवन जी रहा था, लेकिन अचानक उसका मानसिक संतुलन बिगड़ गया। इलाज के बजाय, मां ने धार्मिक और सामाजिक विश्वासों के चलते उसे धार्मिक स्थल की दीवार से बांध दिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि किसी ने इसे “खुदा का अंश” बताया, तो किसी ने इसे भूत-प्रेत का असर कहा।

जैद की मां ने दावा किया कि यह कदम उसे ठीक करने की आखिरी उम्मीद के तौर पर उठाया गया। लेकिन इन 7 वर्षों में वह युवक, जो संगीत का शौकीन था और बड़ा संगीतकार बनने का सपना देखता था, गंदगी और बदहाली में जिंदगी गुजारने को मजबूर रहा।

मौके पर तनाव और हंगामा

एनजीओ और पुलिस की कार्रवाई के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई, क्योंकि जैद की मां ने उन्हें रोकने की कोशिश की और कई तरह के आरोप लगाए। हालांकि, टीम ने स्थिति को संभाला और जैद को मुक्त कराकर इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया।

एनजीओ की मांग और आगे की कार्रवाई

एनजीओ की संचालिका ने घटना को मानवता के खिलाफ बताया और मांग की कि इस दौरान जिन्होंने घटना को अनदेखा किया और इसे रोकने की कोशिश नहीं की, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। पुलिस ने मां की काउंसलिंग शुरू कर दी है और पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है।


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