फर्जी ईडी अधिकारी बनकर महिला को फंसाने की साजिश
एक हाई-प्रोफाइल ठगी का मामला सामने आया है, जहां ठगों ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारी बनकर एक महिला व्यापारी से 1.60 करोड़ रुपये की ठगी की। आरोपियों ने खुद को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI), केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI), और पुलिस अधिकारी बताकर महिला को मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर आरोपों में फंसाने की धमकी दी। इतना ही नहीं, उन्होंने डिजिटल अरेस्ट का नाटक करते हुए महिला का बैंक अकाउंट फ्रीज करने और जेल भेजने की चेतावनी दी।
कैसे हुआ खुलासा?
पीड़ित महिला ने ठगी का अहसास होने के बाद तुरंत साइबर सेल और क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज करवाई। मामले की जांच शुरू होते ही पुलिस ने ठगों की लोकेशन ट्रेस की और गुजरात के सूरत और मेहर से चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
डीसीपी राजेश त्रिपाठी ने किया खुलासा
क्राइम ब्रांच के डीसीपी राजेश त्रिपाठी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया,
"आरोपी नरेश गोयल जैसे बड़े कारोबारी का नाम लेकर महिला को भ्रमित कर रहे थे। उन्होंने पहले महिला को कानूनी जाल में फंसाने का डर दिखाया और फिर उसकी 1 करोड़ रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट तुड़वा ली। बाकी रकम अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी गई।"
गिरफ्तार आरोपी और उनकी भूमिका
- मेहर से गिरफ्तार आरोपी:
- राकेश बंसल और उनके पिता चंद्रभान ने ठगों को बैंक अकाउंट उपलब्ध कराए। इन खातों में करीब 10 लाख रुपये का लेन-देन हुआ।
- सूरत से गिरफ्तार आरोपी:
- प्रतीक और अभिषेक के अकाउंट में 5 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए।
ठगी का तरीका
आरोपियों ने महिला को विश्वास में लेने के लिए नकली ईडी अधिकारी बनकर फोन किया। उन्होंने महिला पर झूठे मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप लगाए और उसे डिजिटल अरेस्ट का झांसा दिया। महिला की निजी जानकारी और बैंक विवरण हासिल करने के बाद, उन्होंने बैंक अकाउंट्स से पैसे ट्रांसफर कर लिए।
पुलिस की जांच जारी
क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार आरोपियों को रिमांड पर लिया है और मुख्य साजिशकर्ता की तलाश की जा रही है। पुलिस इस मामले से जुड़े पूरे नेटवर्क को उजागर करने की कोशिश कर रही है।
