ग्वालियर लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई: ग्राम रोजगार सहायक 15,000 रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार

 



मध्यप्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ छेड़े गए अभियान के तहत लोकायुक्त पुलिस ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। ग्वालियर लोकायुक्त पुलिस की टीम ने दतिया जिले में एक ग्राम रोजगार सहायक को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोपी ने मस्टर भुगतान के एवज में 30,000 रुपये की रिश्वत मांगी थी, जिसमें से 15,000 रुपये की पहली किश्त लेते समय उसे धर दबोचा गया।

किसान ने की थी शिकायत

लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक राजेश मिश्रा के अनुसार, दतिया जिले के निचरौली गांव निवासी किसान सोबरन सिंह यादव ने लोकायुक्त एसपी कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि ग्राम रोजगार सहायक मुकेश सिंह यादव उनके पिता के नाम से खेत तालाब निर्माण कार्य के भुगतान के लिए 30,000 रुपये की मांग कर रहा है।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर सख्त कार्रवाई

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के "भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस" के निर्देशों के तहत इस मामले को गंभीरता से लिया गया। पुलिस अधीक्षक ने शिकायत की सत्यता की जांच कराई और पुष्टि होने पर टीम का गठन कर कार्रवाई की।

ट्रैप प्लान और आरोपी की गिरफ्तारी

10 दिसंबर को लोकायुक्त टीम ने एक विशेष योजना बनाते हुए दतिया में झांसी रोड पर ट्रैप लगाया। आरोपी ग्राम रोजगार सहायक मुकेश यादव को सर्किट हाउस के पास शिकायतकर्ता से 15,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया है।

भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त की सक्रियता

इस कार्रवाई के साथ ग्वालियर लोकायुक्त ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि भ्रष्टाचार को जड़ से उखाड़ने के लिए वह प्रतिबद्ध है।


मध्यप्रदेश में लोकायुक्त की अन्य प्रमुख कार्यवाहियां:

  1. सीहोर: जनपद पंचायत सीईओ गिरफ्तार
    हाल ही में लोकायुक्त पुलिस ने सीहोर जिले में जनपद पंचायत के सीईओ को 50,000 रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। आरोपी ने पंचायत विकास कार्यों में स्वीकृति के बदले रिश्वत मांगी थी।

  2. इंदौर: बिजली विभाग का इंजीनियर गिरफ्तार
    इंदौर में लोकायुक्त ने बिजली विभाग के एक सहायक इंजीनियर को 20,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा। यह रिश्वत कृषि कनेक्शन के लिए फाइल पास कराने के बदले मांगी गई थी।

  3. भोपाल: नगर निगम अधिकारी पर कार्रवाई
    भोपाल में एक नगर निगम अधिकारी को 1 लाख रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। आरोपी पर निर्माण कार्य की फाइल पास करने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप था।

मध्यप्रदेश में लोकायुक्त पुलिस की सक्रियता और तेज़ कार्रवाई यह संकेत देती है कि सरकार भ्रष्टाचार को लेकर सख्त है। मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप, भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों पर लगातार शिकंजा कसा जा रहा है। इससे न केवल प्रशासन में पारदर्शिता बढ़ रही है, बल्कि आम जनता का विश्वास भी बहाल हो रहा है।

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