हाथरस। उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया है। घटना सोमवार सुबह की है जब सलेमपुर इलाके में एक तेज रफ्तार ट्रक ने टाटा मैजिक वाहन को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में सात लोगों की मौत हो गई, जिनमें महिलाएं, बच्चे और पुरुष शामिल हैं। इसके अलावा 13 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।
घटना स्थल पर मचा हाहाकार
हादसे के तुरंत बाद इलाके में चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोग घटना स्थल पर दौड़ पड़े और राहत कार्य शुरू किया। उन्होंने टाटा मैजिक में फंसे घायलों को बाहर निकाला और उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाने का प्रयास किया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
गांव कुमराई से नगला इमलिया जा रहे थे यात्री
बताया जा रहा है कि टाटा मैजिक में सवार सभी लोग हाथरस के कुमराई गांव से एटा के नगला इमलिया जा रहे थे। जैसे ही वे सलेमपुर के पास मथुरा-कासगंज हाइवे पर पहुंचे, सामने से आ रहे ट्रक ने वाहन को टक्कर मार दी। हादसे का कारण ट्रक की तेज रफ्तार और लापरवाही मानी जा रही है।
प्रशासन का बयान और राहत कार्य
हाथरस के जिलाधिकारी आशीष कुमार ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि मृतकों में तीन महिलाएं, तीन पुरुष और एक बच्चा शामिल हैं। घायलों में से छह को बेहतर इलाज के लिए अन्य अस्पतालों में रेफर किया गया है, जबकि सात लोगों का जिला अस्पताल में इलाज जारी है। उन्होंने बताया कि ट्रैफिक को तुरंत बहाल कर दिया गया है और मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने व्यक्त किया शोक
घटना की जानकारी मिलते ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा कर शोक व्यक्त किया। उन्होंने लिखा, “जनपद हाथरस में मथुरा-कासगंज हाइवे पर सड़क दुर्घटना में हुई जनहानि अत्यंत दुःखद एवं हृदय विदारक है। मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिजनों के साथ हैं। जिला प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि राहत कार्य तेजी से चलाए जाएं और घायलों का समुचित इलाज सुनिश्चित हो।”
स्थानीय लोगों में आक्रोश
इस हादसे ने क्षेत्रीय जनता को झकझोर कर रख दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मथुरा-कासगंज हाइवे पर तेज रफ्तार वाहन अक्सर दुर्घटनाओं का कारण बनते हैं, लेकिन प्रशासन सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं है।
शोक में डूबे परिवार
हादसे के बाद मृतकों के परिजन शोक में डूबे हुए हैं। उनके गांवों में मातम का माहौल है। प्रशासन ने मृतकों के परिवारों को हर संभव सहायता का भरोसा दिया है।
यह हादसा एक बार फिर सड़कों पर यातायात नियमों की अनदेखी और तेज रफ्तार के खतरों की ओर इशारा करता है। स्थानीय प्रशासन और सरकार के लिए यह समय है कि वे सड़क सुरक्षा पर ठोस कदम उठाएं ताकि इस तरह के हादसे दोबारा न हों।
