धरने पर बैठे जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय का स्टाफ, कई महीनों से नहीं मिली सैलरी

जबलपुर

मध्यप्रदेश की संस्कारधानी के जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में पदस्थ दर्जनों कर्मचारियों ने महीनो से सैलरी न मिलने चलते अब उन्हें धरना प्रदर्शन करना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि लगभग 500 ऐसे कर्मचारी हैं, जिन्हें नवंबर 2023 से अब तक सैलरी नहीं मिली है।



योजना अधिकारी रामानुज तिवारी ने बताया कि नवंबर 2023 से आज दिनांक तक विभाग में कंप्यूटर ऑपरेटर एवं अन्य

कर्मचारियों की सैलरी नहीं हुई है। तनखाह न मिलने की मांग पर विगत दो दिनों से विभाग में ही कंप्यूटर ऑपरेटरस द्वारा प्रदर्शन किया जा रहा है। श्री तिवारों ने बताया कि विभाग में लगभग ऐसे 500 लोग हैं, जिन्हें कई महीनो से सैलरी नहीं मिल पा रही है। वही जानकारी यह भी है कि इन कर्मचारियों में जिला शिक्षा अधिकारी भी शामिल है जिनको सैलरी नहीं पहुंची है।

धरने पर बैठी महिला कंप्यूटर ऑपरेटर सोनिया रजक ने बताया कि लगभग 5 महीना से सैलरी न मिलने के कारण उनके जैसे कई

कर्मचारियों को भारी दिकतों का सामना करना पड़ रहा है। अब जब तक उनकी सैलरी नहीं हो जाती तब तक वह प्रदर्शन करते रहेंगे।

ये हैं मामला विभागीय कर्मचारियों का कहना है कि जबलपुर में पूर्व में पदस्थ रहे डीईओ एसके नेमा से जुड़े एक अवमानना प्रकरण के कारण आयुक्त कोष एवं लेखा भोपाल के द्वारा आयुक्त लोक शिक्षण का पर प्रेषित कर जबलपुर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के आहरण संवितरण (डीडीओ) कोड पर रोक लगा दी गई है। जबकि वर्तमान

पूनम मालवीय एवं अन्य को तत्कालीन डीईओ ने वर्ष 2019 में क्रमोन्नति का आदेश जारी कर दिया था। इसके बाद इनका प्रकरण संयुक्त संचालक कोष एवं लेखा के पास अनुमोदन हेतु गया। संयुक्त संचालक कोष लेखा ने डीईओ के आदेश को गलत माना क्योंकि क्रमोन्नति पूनम पदोन्नति से इंकार करने के कारण का लाभ नहीं दिया जा सकता था।

मालवीय ने इसके विरुद्ध न्यायालय की शरण ली, जिस पर न्यायालय ने कोष लेखा को क्रमोन्नति देने कहा। संयुक्त संचालक कोष लेखा द्वारा तत्कालीन डीईओ के गलत आदेश को देखते हुए क्रमोनति का लाभ नहीं दिया। अवमानना याचिका दायर की जिस पर न्यायालय ने कोष लेखा के अधिकारियो को तत्काल लाभ देने कहा गया। कोष लेखा विभाग की ओर से वित्त विभाग से अनुमति लेकर पूनम मालवीय को भुगतान किया गया। आयुक्त कोष एवं लेखा के द्वारा आयुक्त लोक शिक्षण को पत्र प्रेषित कर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय जबलपुर के डीडीओ कोड पर रोक लगी दी गई जबकि गफलत पूर्व डीईओ ने को थी वहीं उक्त प्रकरण नवंबर में समाप्त हो चुका है। कर्मचारियों ने तत्काल डीडीओ फोड बहाल करने की मांग की है।

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