जनसुनवाई में पीड़ित की बात सुनकर भड़के कलेक्टर, जेल भिजवाने की धमकी देकर भगाया



मध्यप्रदेश में कलेक्टर समेत सभी स्तरों पर अधिकारी मंगलवार को जनसुनवाई करते हैं। इसमें आम लोगों की समस्याओं को सुना जाता है और उसका निराकरण निकाला जाता है। सीधी में कलेक्टर के सामने एक पीड़ित आया और उसने अपनी शिकायत की तो कलेक्टर को वह पसंद नहीं आया। पहले तो उसे एसपी को बुलाकर जेल में डालने की धमकी दी। फिर बेइज्जत कर वहां से भगा दिया गया। उसकी शिकायत भी नहीं सुनी गई।

मामला बीते मंगलवार का है। जनसुनवाई के दौरान परेशान युवक ने थोड़ी ऊंची आवाज में बात की तो कलेक्टर उस पर बरस पड़े। उन्होंने कहा कि एसपी को बुलवाकर जेल भिजवा दूंगा। उसे बेइज्जत कर वहां से निकाल दिया गया। उसे अपनी बात तक नहीं रखने दी। सीधी जनपद अन्तर्गत ग्राम पंचायत रामपुर निवासी उपेन्द्र तिवारी कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ एवं जनपद सीईओ, विधायक तथा सांसद को शिकायती पत्र दे चुका है। उसकी सुनवाई आज तक नहीं हुई है। उनके गांव में 2019 में गुलाब सागर नहर से नागेश्वर तिवारी के घर तक एवं नागेश्वर तिवारी के घर से सीधी-टिकरी मार्ग तक की सड़क बननी थी, जो आज तक पूरी नहीं हुई है। इसकी ही शिकायत उपेंद्र तिवारी लेकर जनसुनवाई में पहुंचे थे। गांव के भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई थी। उन्होंने कहा कि हमारे यहां की सड़क सिर्फ कागज में बनी है। इसे पूर्ण कराया जाय, ताकि लोगों को आने-जाने में असुविधा न हो।

नहीं दिया कलेक्टर ने ध्यान
जनसुनवाई में उपेंद्र तिवारी अपनी बात कहने को लेकर भावुक हो गए। कलेक्टर साकेत मालवीय के सामने कहने लगे कि कई बार आवेदन दिया है। लेकिन किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं हुई है। इस पर कलेक्टर ने कहा कि धीरे बोलो। इसके बाद भी उपेंद्र तिवारी अपनी बात कहते रहे। तब कलेक्टर ने कहा कि पुलिस को फोन कर इसे जेल भिजवाओ। साथ ही साथ उन्होंने उसे धक्के मारकर वहां से निकाल दिया।




कांग्रेस ने शिवराज सरकार को घेरा
इस मुद्दे पर वीडियो सामने आने पर कांग्रेस ने हमलावर मुद्रा में शिवराज सिंह चौहान सरकार को घेरा है। कांग्रेस ने ट्विटर पर इस मामले को शेयर करते हुए लिखा कि आम जनता त्रस्त है। सीधी जिले में एक आम नागरिक ने कलेक्टर को आईना दिखाया है। अब जनता मैदान में उतर रही है।

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