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लोकायुक्त की कार्रवाई : प्रोफेसर और कंसलटेंट को 1.5 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा



भोपाल,16 जनवरी । मध्य प्रदेश में लोकायुक्त पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। मैनिट के प्रोफेसर समेत दो लोगों को डेढ़ लाख की रिश्वत लेते लोकायुक्त पुलिस ने रंगे हाथ पकड़ा है। मध्य प्रदेश की लोकायुक्त पुलिस ने शिवपुरी शहर में प्रस्तावित मेडिकल वेस्ट डिस्पोजल प्लांट के पक्ष में रिपोर्ट जारी करने के एवज में कथित रूप से डेढ़ लाख रुपये रिश्वत लेते एक प्रोफेसर और एक सलाहकार को पकड़ा है।

वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट की एक्सपर्ट कमेटी की एनओसी जारी करने के बदले डेढ़ लाख रुपये की रिश्वत लेते वक्त दो अधिकारियों को मध्य प्रदेश लोकायुक्त पुलिस ने रंगे हाथों पकड़ा है। मैनिट के प्रोफेसर आलोक मित्तल और एक कंसलटेंट गोपी कृष्ण एनओसी जारी करने के बदले रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए। लोकायुक्त पुलिस ने तुरंत ही मामले पर ने लिखा-पढ़ी की कार्रवाई की। लोकायुक्त के पुलिस अधीक्षक मनु व्यास ने कहा कि राज्य की राजधानी भोपाल में सरकार द्वारा संचालित मौलाना आज़ाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान में काम करने वाले प्रोफेसर ने कथित तौर पर एक व्यक्ति से सात लाख रुपये की मांग की थी।
पकड़े गए रंगे हाथ

लोकायुक्त पुलिस के मुताबिक प्रमिला रिछारिया ने रिश्वत लेने की शिकायत की थी। इसी शिकायत के तहत विभाग ने कार्रवाई की। प्रमिला ने 12 जनवरी को शिकायत दर्ज कराई, इसमें उन्होंने बताया कि अपनी शिकायत में बताया कि शिवपुरी में उनका मेडिकल वेस्ट का प्लांट निर्माण प्रस्तावित है। प्रस्तावित प्लांट निर्माण के लिए एनओसी जरूरी होती है। पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड में स्टेट एक्सपर्ट अप्रेजल कमेटी में रसायन विषय के विशेषज्ञ डॉक्टर आलोक मित्तल हैं और वे मैनिट में प्रोफेसर है। एनओसी देने के नाम पर मित्तल शिकायतकर्ता से 7 लाख रुपये की रिश्वत की मांग कर रहे थे।

आलोक मित्तल ने सीधे शिकायतकर्ता से रिश्वत की मांग नहीं की, बल्कि कंसलटेंट गोपी कृष्ण मिश्रा के माध्यम से 7 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। आलोक मित्तल और गोपी कृष्ण को पकड़ने के लिए लोकायुक्त पुलिस ने प्लान बनाया। रविवार को लोकायुक्त पुलिस ने आलोक मित्तल और गोपी कृष्ण को भोपाल में रंगे हाथ 1.5 लाख की रिश्वत लेते पकड़ा। आलोक मित्तल और गोपी कृष्ण पर शिकंजा कस गया है। लोकायुक्त अधिकारी ने कहा कि दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है।

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