अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक महिला अपराध, पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देशानुसार आज दिनॉक 24-12-21 को पुलिस कन्ट्रोलरूम जबलपुर में पुलिस अधीक्षक जबलपुर श्री सिद्धार्थ बहुगुणा (भा.पु.से.) के मार्गदर्शन में उर्जा महिला हैल्प डेस्क एवं थानों में पदस्थ महिला पुलिस अधिकारी/कर्मचारियों हेतु एक दिवसीय ‘‘ महिला एवं बच्चों के विरूद्ध घटित अपराधों में अनुसंधान एवं कौशल उन्नयन प्रशिक्षण ’’ कार्यशाला नोडल अधिकारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर दक्षिण/अपराध श्री गोपाल खाण्डेल की उपस्थिति में आयोजित की गयी।
कार्यशाला में उपस्थित महिला अधिकारी/कर्मचारियों को आंगनवाड़ी केन्द्र सहायक संचालिका सुश्री शिवानी मौर्य, महिला बाल विकास के संजय अब्राहिम, विधिक सेवा प्राधिकरण के मोह. जिलानी , एफएसएल अधिकारी डॉक्टर सुनीता तिवारी, उप पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता खातरकर , कार्यवाहक उप पुलिस अधीक्षक श्री राकेश तिवारी, जिला अभियोजन शाखा से एडीपीओ श्री अभिषेक दीक्षित, सुश्री मनीषा दुबे, सुश्री शोभना पटेल द्वारा घरेलू हिंसा अधिनियम 2005, महिला हैल्प डैस्क के कार्य एवं दायित्व, घटिना स्थल से भौतिक साक्ष्य का संकलन एवं पैकेजिंग, आदि के सम्बंध में विस्तार से जानकारी दी गयी।
समापन के अवसर पर पुलिस कन्ट्रोलरूम जबलपुर में पुलिस अधीक्षक जबलपुर श्री सिद्धार्थ बहुगुणा (भा.पु.से.) ने कहा कि महिलायें एवं बच्चे विभिन्न प्रकार की समस्याओं जैसे दहेज प्रताड़ना, छेडछाड़, घरेलू हिसंा, बलात्संग, मानसिक उत्पीड़न आदि की शिकायत लेकर पुलिस थाना पहुंचती है। कई बार अपनी बात थाने में सहज रूप से कहने में संकोच करती हैं, जिसे ध्यान में रखते हुये प्रदेश के समस्त जिलों के 700 थानों में उर्जा महिला हैल्प डैस्क की स्थापना की गयी है जिसमें न्यायपालिका, पुलिस , प्रशासन, महिला एवं बाल विकास विभाग, तथा स्वास्थ विभाग साथ मिलकर काम कर रहे है। उर्जा महिला हैल्प डैस्क को संसाधनों से सशक्त बनाया गया है।
आपने कहा कि थानों में उर्जा महिला हैल्प डैस्क संचालित करने का मुख्य उद्देश्य महिलाओं के हित में कार्य करते हुये पीड़िता को तत्काल सहायता प्रदान करते हुये सही मायनें में महिलाओं को उर्जावान बनाना है, ताकि वे अपनी बात निर्भिक होकर कह सकें।
थाने कोई पीड़ित महिला अपने आपको असहाय समझ कर आती है, उसकी अपेक्षा होती है कि जो भी कानूनी प्रावधानो के तहत कार्यवाही बनती है की जाये, आपका भी दायित्व बनाता है कि उसे सौहाद्रपूर्ण माहौल दे तथा पीडित महिला की समस्या को ध्यान से शाीलीनता पूर्वक सुनें और तत्काल विधिसम्मत कार्यवाही करते हुये उसे राहत पहुंचायें ।
पुलिस को समाज मे व्यवस्था स्थापित करने के लिये व्यापक अधिकार दिये गये है। समय समय पर जो नये नियम/कानून बनाये गये हैं, उनका अध्ययन अवश्य करें, जब आपको कानून का अच्छा ज्ञान होगा तभी आप निर्भीक होकर कोई भी कार्यवाही कर सकेंगे।