मच्छरों से जान बचाने के लिए शुरू किया अभियान, घर-घर पलते मिले लार्वा, पढ़िए पूरी खबर
जबलपुर, !रांझी क्षेत्र में पांव पसार रहे डेंगू की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग व नगर निगम की संयुक्त टीम ने लार्वा विनष्टीकरण का अभियान चलाया। इस दौरान छठवीं बटालियन के आवासीय परिसर समेत कुछ घनी बस्तियों में टीम के सदस्यों ने लोगों को मच्छरों से होने वाली बीमारियों व उसकी रोकथाम की जानकारी दी। तमाम घरों में रखे गमले, पानी की टंकियों, बेकार पड़े टायर में भरे पानी व कूलर की टंकियों में मच्छरों के लार्वा मिले। जिनका मौके पर ही विनष्टीकरण कराते हुए डेंगू प्रभावित घरों के आसपास फागिंग मशीन चलाई गई। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. आरके पहारिया ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग व नगर निगम की नौ टीमों को रांझी क्षेत्र में मच्छरजन्य बीमारियों की रोकथाम की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस दौरान उन्होंने छठवीं बटालियन के कमांडेंट से मुलाकात कर डेंगू व मच्छरों के हमले से होने वाली अन्य बीमारियों की रोकथाम में सहयोग पर चर्चा की।बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ी: जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. पहारिया ने सिविल अस्पताल रांझी के प्रभारी डॉ. भरत खटीक व शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बड़ापत्थर के चिकित्सकों से चर्चा की। चिकित्सकों ने बताया कि रांझी क्षेत्र में बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। सिविल अस्पताल व केंद्र में रोजाना दर्जनों मरीज बुखार का उपचार कराने पहुंच रहे हैं। डॉ. पहारिया ने कहा कि बुखार के मरीजों की डेंगू, मलेरिया व कोरोना की जांच की जाए। ताकि समय रहते बीमारी का पता लगाते हुए मरीज को गंभीर जोखिम से बचाया जा सके
नौ टीमें करेंगी लार्वा सर्वे व विनष्टीकरण: स्वास्थ्य विभाग व नगर निगम की नौ टीमें रांझी क्षेत्र में लगातार मच्छरों के लार्वा का सर्वे व उनका विनष्टीकरण करेंगी। इस दौरान कीटनाशक से लार्वा विनष्टीकरण करते हुए फागिंग मशीन का उपयोग किया जाएगा ताकि नागरिकों को मच्छरों से राहत मिल सके। डॉ. पहारिया ने बताया कि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रत्नेश कुरारिया के निर्देश पर टीम का गठन किया गया है। मलेरिया विभाग की मोबाइल टीम में इंद्रजीत मिश्रा, नवीन यादव व ब्रजेश मिश्रा को शामिल किया गया है।
144 हुई डेंगू मरीजों की संख्या: बरसात शुरू होने के बाद शहर में डेंगू मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। सरकारी आंकड़ों में डेंगू के 144 मरीज सामने आ चुके हैं। डेंगू की तुलना में मलेरिया व चिकनगुनिया का कम खतरा सामने आया है। इस सीजन में मलेरिया के नौ तथा चिकनगुनिया के आठ मरीज सामने आ चुके हैं। जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया कि मच्छरों से बचाव कर डेंगू, मलेरिया व चिकनगुनिया से बचा जा सकता है।
स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी:
-सप्ताह में एक बार कूलर का पानी निकालकर टंकी को अच्छी तरह सुखा लें उसके बाद ही पानी भरें।
-पानी के सभी पात्रों टंकी, हौज आदि को अच्छी तरह ढंककर रखना चाहिए।
स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी:
-सप्ताह में एक बार कूलर का पानी निकालकर टंकी को अच्छी तरह सुखा लें उसके बाद ही पानी भरें।
-पानी के सभी पात्रों टंकी, हौज आदि को अच्छी तरह ढंककर रखना चाहिए।
-सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करना चाहिए।
-घर में व आसपास पड़ी अनुपयोगी सामग्री में पानी जमा न होने दें। मच्छरों के लार्वा काे नष्ट करने के लिए केरोसिन अथवा इंजन का जला हुआ आयल उपयोग करें।
-मच्छरों से बचाव के लिए पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें।
-तेज बुखार, सिर दर्द, मांस पेशियों व जोड़ों में दर्द, शरीर पर लाल दाने व चकत्ते होने पर चिकित्सक से परामर्श लें।
-घर में व आसपास पड़ी अनुपयोगी सामग्री में पानी जमा न होने दें। मच्छरों के लार्वा काे नष्ट करने के लिए केरोसिन अथवा इंजन का जला हुआ आयल उपयोग करें।
-मच्छरों से बचाव के लिए पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें।
-तेज बुखार, सिर दर्द, मांस पेशियों व जोड़ों में दर्द, शरीर पर लाल दाने व चकत्ते होने पर चिकित्सक से परामर्श लें।
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