स्लाटर हाउस के ‎लिए जमीन तलाशने में ननि को छूट रहा पसीन

 

स्लाटर हाउस के लिए जमीन तलाशने में ननि को छूट रहा पसीन

भोपाल । राजधानी के नगर निगम को स्लाटर हाउस के लिए जमीन तलाशने में पसीने छूट रहे हैं। पूर्व में आदमपुर छावनी में स्‍लॉटर हाउस बनाने का प्रस्ताव पारित हो चुका था लेकिन स्थानीय लोगों के विरोध को देखते हुए इस बदलना पड गया। विरोध के चलते आनन-फानन नगर निगम ने शहर के एक दर्जन से अधिक क्षेत्रों में स्‍लॉटर हाउस को लेकर विचार-मंथन किया गया। जिसके बाद बैरसिया रोड स्थित झिरनिया गांव में स्‍लॉटर हाउस निर्माण के लिए जमीन का चयन किया गया। अब यहां भी स्‍लॉटर हाउस का निर्माण नहीं किया जाएगा। ऐसा इसलिए क्योंकि एयरपोर्ट ऑथारिटी ऑफ इंडिया की तरफ से आपत्ति आई है। दरअसल, शनिवार को नगर निगम कमिश्नर केवीएस चौधरी कोलासानी और एयरपोर्ट अथारिटी के अधिकारी मिलकर झिरनिया में स्‍लॉटर हाउस बनाने के लिए जमीन देखने पहुंचे। यहां निरीक्षण के बाद देखा गया कि यह जमीन तो एयरपोर्ट के 10 किमी के क्षेत्र के अंदर आ रही है। ऐसे में स्‍लॉटर हाउस का यहां निर्माण संभव नहीं हो सकता है। इसके पीछे तर्क यह दिया गया कि स्‍लॉटर हाउस से निकलने वाले अपशिष्ट के कारण पक्षी यहां प्लेन से टकरा सकते हैं। जिससे खतरा हो सकता है। इसलिए यह जमीन स्‍लॉटर हाउस बनाने के लिए उपयुक्त नहीं है। जिंसी स्थित स्‍लॉटर हाउस बंद होने के बाद भी शहर में मीट की सप्लाई की जा रही है। यह भी नियमों को ताक पर रखकर किया जा रहा है। शहर में रोजाना करीब 70 टन मीट की आवश्यकता होती है। स्‍लॉटर हाउस बंद होने के बाद शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में बिना जांच पड़ताल के पशुवध किए जा रहे हैं। इनके लिए निगम प्रशासन ने सभी 19 जोन के एएचओ को कार्रवाई का निर्देश भी दिया है। जल्द स्‍लॉटर हाउस नहीं बना तो ऐसे ही अवैध रूप से वध कर मीट सप्लाई किया जाता रहेगा। बता दें कि शहर में एनजीटी के निर्देश के बाद बंद जिंसी स्थित स्लाटर हाउस को बंद कर दिया गया है। इसके स्थान पर अन्य जगहों पर स्लाटर हाउस का ‎‎ ‎‎निर्माण किया जाना है।


एक टिप्पणी भेजें

और नया पुराने